एक ओर विरासत गलियारे से धर्मशाला से पांडेयहाता तक की सड़क चौड़ी हो रही है तो दूसरी ओर रेती पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। रेती चौराहे से गीता प्रेस तक देर शाम तक भयंकर जाम लगा रहता है। चारपहिया गाड़ियों के प्रवेश से घंटों लोगों को जाम में फंसना पड़ता है और व्यापार भी प्रभावित होता है। व्यापारियों ने इस क्षेत्र में भी ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। घोस कंपनी चौराहा से रेती की ओर बढ़ते समय इलेक्ट्रॉनिक मार्केट के पास से ही जाम लगना शुरू हो जाता है। जाम का प्रमुख कारण सड़कों के किनारे खड़ी होने वाली गाड़ियां हैं। इसके बाद दोनों ओर से चारपहिया वाहन आने से समस्या और बढ़ जाती है। इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से लेकर रेती चौक तक भयंकर जाम लगा रहता है। इस दौरान लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल रहता है। व्यापारियों का कहना है कि लगन और त्योहारों में ज्यादा भीड़ हो जाती है, जिससे जाम की समस्या बनी रहती है। लगन में थोक खरीदारी के लिए लोग रेती आते हैं। इसके साथ ही नियमित ग्राहक भी रहते हैं। ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत
इस क्षेत्र के व्यापारी यहां ट्रैफिक प्रबंधन की जरूरत बताते हैं। उनका कहना है कि रेती चौक पर बिना रोक-टोक चारो ओर से गाड़ियां आती हैं, जिससे ट्रैफिक जाम हो जाता है। यदि नियमित रूप से यहां ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी लगे तो यहां ट्रैफिक को संभाला जा सकता है और थोड़ी-थोड़ी देर में गाड़ियां वहां से निकलने लगेंगी। रेती क्षेत्र के व्यापारी संजय अग्रवाल बताते हैं कि जाम से समस्या होती है। यहां ट्रैफिक पुलिस के साथ ही पुलिस के जवानों को भी लगाना जरूरी है। चारपहिया वाहनों के आगे-पीछे होने से भी जाम लगता है। इस क्षेत्र में भी एक पार्किंग की व्यवस्था करनी होगी, जहां लोग अपनी गाड़ियां खड़ी कर पैदल मार्केट कर सकें। व्यापारी कन्हैया वर्मा का कहना है कि इस क्षेत्र में थोक कारोबार होता है। बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो जाम में फंसने के डर से यहां नहीं आते। दिन हो या रात यहां जाम की समस्या बनी रहती है। इसका स्थायी उपाय करना जरूरी है। व्यापारी नरेंद्र जायसवाल ने कहा कि लगन के समय ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती है। शुरू से ही इस क्षेत्र में लोग खरीदारी के लिए आते हैं। चारपहिया वाहन भी लेकर आते हैं, जिससे जाम की समस्या रहती है। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के इंतजाम करने होंगे।


