पहले गोली मारी, फिर गर्दन काटकर नहर में फेंकी, मुजफ्फरनगर के रॉकी हत्याकांड में अपनों ने ही ले ली जान

पहले गोली मारी, फिर गर्दन काटकर नहर में फेंकी, मुजफ्फरनगर के रॉकी हत्याकांड में अपनों ने ही ले ली जान

Rocky Murder Case: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पिछले 14 दिनों से लापता 36 साल के विकसित उर्फ रॉकी को पुलिस और उसका परिवार ढूंढ रहा था। उसका अंत इतना खौफनाक होगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। जिसे परिवार वाले मामूली गुमशुदगी समझ रहे थे, वह असल में अपनों की ही रची गई एक खूनी साजिश थी। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक एनकाउंटर के बाद इस हत्याकांड का ऐसा राज खुला कि पुलिस वाले भी दंग रह गए।

मुठभेड़ में शूटर को लगी गोली, फिर खुला राज

इस कत्ल का पर्दाफाश तब हुआ, जब सोमवार की देर रात कादीपुर के जंगलों में पुलिस और बदमाशों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। इस गोलीबारी में मोंटी त्यागी नाम का एक शातिर बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। जब पुलिस ने अस्पताल में उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने रॉकी हत्याकांड की परत-दर-परत खोलकर रख दी। शूटर मोंटी त्यागी ने कबूला कि रॉकी की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि खुद रॉकी के परिवार वालों ने उससे करवाई थी।

क्रूरता की हदें पार, हत्यारों की वो खौफनाक प्लानिंग

आरोपी मोंटी त्यागी ने पुलिस को बताया कि रॉकी को रास्ते से हटाने के लिए बहुत ही खतरनाक प्लानिंग की गई थी। सबसे पहले रॉकी का किडनैप किया गया और फिर उसे गोली मार दी गई। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए हत्यारों ने रॉकी की गर्दन को धड़ से काट कर अलग कर दिया। पहचान छुपाने के लिए कटी हुई गर्दन को चित्तौड़ा झाल नाम की नहर में फेंक दिया गया, ताकि वह कभी न मिले। इसके बाद बाकी बचे धड़ को ठिकाने लगाने के लिए कादीपुर गांव के एक सुनसान खेत में गहरा गड्ढा खोदा गया। लाश जल्दी गल जाए और बदबू न आए, इसलिए उसमें भारी मात्रा में नमक डालकर धड़ को मिट्टी में दफना दिया गया।

जेसीबी से खोदा गया खेत, तब निकाला धड़

बदमाश के इस खुलासे के बाद पुलिस की टीम तुरंत भारी फोर्स और जेसीबी मशीन लेकर कादीपुर के उस खेत में पहुंची। खेत की गहरी खुदाई करने के बाद जब रॉकी का सड़ चुका धड़ बाहर निकाला गया, तो वहां मौजूद ग्रामीणों की रूह कांप गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

अपनों ने ही बुना था मौत का जाल

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कत्ल की साजिश घर के भीतर ही रची गई थी। मृतक रॉकी के भाई मुकुल ने 25 मई को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका भाई 18 मई से गायब है। भाई ने आरोप लगाया था कि रॉकी की पत्नी रेनू उसे बागपत ले जाने का बहाना बनाकर घर से साथ ले गई थी, जिसके बाद से रॉकी वापस नहीं लौटा। पुलिस जांच में अब साफ हो चुका है कि इस खूनी साजिश की मास्टरमाइंड रॉकी की पत्नी रेनू, उसका सौतेला बेटा बादल और बहू निशा हैं। घरेलू विवाद और रंजिश के चलते इन सबने मिलकर शूटर मोंटी त्यागी को शामिल किया और इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

नई मंडी के पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। वारदात में शामिल पत्नी और सौतेले बेटे समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है और जल्द ही इस मामले के सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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