भ्रष्टाचार के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता ने सौंपा ‘नागरिकता त्याग’ आवेदन, भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहा शासन-प्रधासन, कांग्रेस ने बुलंद की आवाज, जावद जनपद अध्यक्ष रिश्वत लेते धराए थे रंगे हाथ, शासन-प्रशासन मेहरबान
फोटो-एनएम 2706 नागारिकता त्याग करने के लिए आवेदन देते हुए कांगेे्रसी।
नीमच. जावद जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपाल चारण को रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद भी शासन-प्रशासन अध्यक्ष चारण पर मेहरबान है। अबतक वे सत्ता सुख भोग रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बाद भी सरकार के प्रमुख आयोजनों में मंच सांझा करते दिखाई देते हैं। शासन-प्रशासन की इस प्रकार की भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली गतिविधियों से रुष्ठ होकर कांग्रेस कार्यकर्ता ने मंगलवार को अपनी ‘नागरिकता त्यागने का कठोर निर्णय लिया। इससे जनसुनवाई में राजनीतिक गरमा गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने भ्रष्टाचार के विरोध में अनोखा प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक रूप से अपना ‘नागरिकता हस्तांतरण एवं त्यागपत्र’ आवेदन कलेक्टर के नाम सौंपा। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया। कांग्रेस से जुड़े पंकज तिवारी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि जनपद पंचायत जावद अध्यक्ष गोपाल चारण लोकायुक्त कार्रवाई में रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद अब तक पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद भी संबंधित जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होना शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। तिवारी ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि थड़ोद पंचायत में सरपंच एवं सचिव पर सरकारी राशि के गबन और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत संबंधित जनप्रतिनिधियों को तत्काल पद से हटाकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी।
जनपद अध्यक्ष सहित थड़ोद सरंपच-सचिव को हटाएं
तिवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था में कटाक्ष करते हुए कहा कि जब भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो आम जनता का लोकतंत्र, संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ता है। इसी के विरोध में उन्होंने सांकेतिक रूप से ‘नागरिकता त्याग’ का आवेदन देकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। पंकज तिवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद पदों पर बने रहने की छूट मिलती रही तो इससे जनता में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण तथा थड़ोद पंचायत के सरपंच और सचिव को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही पंचायत स्तर पर पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि जनता का लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास कायम रह सके। जनसुनवाई में दिए गए इस अनोखे आवेदन को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
नहीं हुई सुनवाई तो करेंगे आंदोलन
कलेक्ट्रेट में पत्रकारों से चर्चा करते हुए तिवारी ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि मंगलवार को सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया है। आगामी दिनों में भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो जिले में उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा। राज्यसभा सांसद दिग्विजयसिंह ने भी गोपाल चारण मामले में तिवारी का पक्ष रखा है। इससे मामला और गंभीर बन गया है। इसको लेकर भी राजनीतिक गलियारे में चर्चाओं का बाजार गर्म है।


