पूर्णिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय के खिलाफ पिछले 6 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे छात्र नेता पीयूष पुजारा का आखिरकार अनशन 140 घंटे बाद समाप्त हो गया है। आवेदन शुल्क को निशुल्क करने की मांग को लेकर अनशन छात्र नेता पीयूष पुजारा पर बैठे थे। इन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के लिखित आश्वासन और रजिस्ट्रार (कुलसचिव) के हाथों अन्न ग्रहण कर अपना 140 घंटे लंबा अनशन समाप्त किया। 140 घंटे बाद अनशन समाप्त – मिला लिखित आश्वासन छात्र हित की मांगों को लेकर यह आंदोलन पिछले 6 दिनों से लगातार जारी था। जिसमें मुख्य रूप से आवेदन शुल्क को निःशुल्क करने की मांग थी। प्रशासन और छात्रों के बीच हुई वार्ता के अनुसार, वर्तमान शैक्षणिक सत्र की प्रक्रिया शुरू हो जाने के कारण इस बार बदलाव संभव नहीं है। हालांकि, आने वाले सत्र 2027-2031 से आवेदन शुल्क (जो वर्तमान में ₹600 है) में एक बड़ी कटौती करने पर सहमति बनी है। आने वाले सत्र से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शुल्क की नई दरें तय करेगा, ताकि छात्रों पर आर्थिक बोझ कम किया जा सके। राजभवन को अवगत कराया गया पूर्णिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर अखिलेश कुमार ने बताया कि पूरे बिहार के विश्वविद्यालयों में एक समान आवेदन शुल्क लागू करने के लिए राजभवन को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार – प्रोफेसर अखिलेश कुमार ने कहा कि “कुलपति महोदय के आदेशानुसार और उनकी सहमति से हम यहां पहुंचे हैं। छात्रों की मांग जायज है और इसे ध्यान में रखते हुए राजभवन को भी अवगत कराया गया है, ताकि सभी जगह एक समान शुल्क नीति हो। अगर वहां से कोई सीधा निर्देश नहीं भी आता है, तो आने वाले सत्र से पहले हम विधि-सम्मत तरीके से छात्र हित में आवेदन शुल्क में कटौती पर अंतिम निर्णय लेंगे।” छात्र नेता पीयूष पुजारा का कड़ा रुख अनशन तोड़ने के बाद छात्र नेता पीयूष पुजारा ने मीडिया के माध्यम से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सीमांचल के छात्रों के हक की एक बड़ी जीत है। हालांकि, कुलपति (VC) के स्वयं न आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी भी व्यक्त की। प्रशासन लगातार वार्ता के लिए संपर्क में था एसडीएम दीक्षित श्वेतम ने कहा कि छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए पिछले छह दिनों से चल रहा आमरण अनशन आज समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार दोनों पक्षों (विश्वविद्यालय और छात्र नेताओं) के संपर्क में था, ताकि बीच का कोई रास्ता निकालकर जल्द से जल्द इस अनशन को समाप्त कराया जा सके। इसी सिलसिले में आज विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव (Registrar) और वित्त अधिकारी (Finance Officer) वहां पहुंचे थे। उनकी ओर से दिए गए ठोस आश्वासन के बाद छात्र नेताओं ने अपनी सहमति जताई और आधिकारिक तौर पर अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। पूर्णिया यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय के खिलाफ पिछले 6 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे छात्र नेता पीयूष पुजारा का आखिरकार अनशन 140 घंटे बाद समाप्त हो गया है। आवेदन शुल्क को निशुल्क करने की मांग को लेकर अनशन छात्र नेता पीयूष पुजारा पर बैठे थे। इन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के लिखित आश्वासन और रजिस्ट्रार (कुलसचिव) के हाथों अन्न ग्रहण कर अपना 140 घंटे लंबा अनशन समाप्त किया। 140 घंटे बाद अनशन समाप्त – मिला लिखित आश्वासन छात्र हित की मांगों को लेकर यह आंदोलन पिछले 6 दिनों से लगातार जारी था। जिसमें मुख्य रूप से आवेदन शुल्क को निःशुल्क करने की मांग थी। प्रशासन और छात्रों के बीच हुई वार्ता के अनुसार, वर्तमान शैक्षणिक सत्र की प्रक्रिया शुरू हो जाने के कारण इस बार बदलाव संभव नहीं है। हालांकि, आने वाले सत्र 2027-2031 से आवेदन शुल्क (जो वर्तमान में ₹600 है) में एक बड़ी कटौती करने पर सहमति बनी है। आने वाले सत्र से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शुल्क की नई दरें तय करेगा, ताकि छात्रों पर आर्थिक बोझ कम किया जा सके। राजभवन को अवगत कराया गया पूर्णिया यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर अखिलेश कुमार ने बताया कि पूरे बिहार के विश्वविद्यालयों में एक समान आवेदन शुल्क लागू करने के लिए राजभवन को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार – प्रोफेसर अखिलेश कुमार ने कहा कि “कुलपति महोदय के आदेशानुसार और उनकी सहमति से हम यहां पहुंचे हैं। छात्रों की मांग जायज है और इसे ध्यान में रखते हुए राजभवन को भी अवगत कराया गया है, ताकि सभी जगह एक समान शुल्क नीति हो। अगर वहां से कोई सीधा निर्देश नहीं भी आता है, तो आने वाले सत्र से पहले हम विधि-सम्मत तरीके से छात्र हित में आवेदन शुल्क में कटौती पर अंतिम निर्णय लेंगे।” छात्र नेता पीयूष पुजारा का कड़ा रुख अनशन तोड़ने के बाद छात्र नेता पीयूष पुजारा ने मीडिया के माध्यम से लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह सीमांचल के छात्रों के हक की एक बड़ी जीत है। हालांकि, कुलपति (VC) के स्वयं न आने पर उन्होंने गहरी नाराजगी भी व्यक्त की। प्रशासन लगातार वार्ता के लिए संपर्क में था एसडीएम दीक्षित श्वेतम ने कहा कि छात्र हित को सर्वोपरि रखते हुए पिछले छह दिनों से चल रहा आमरण अनशन आज समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार दोनों पक्षों (विश्वविद्यालय और छात्र नेताओं) के संपर्क में था, ताकि बीच का कोई रास्ता निकालकर जल्द से जल्द इस अनशन को समाप्त कराया जा सके। इसी सिलसिले में आज विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव (Registrar) और वित्त अधिकारी (Finance Officer) वहां पहुंचे थे। उनकी ओर से दिए गए ठोस आश्वासन के बाद छात्र नेताओं ने अपनी सहमति जताई और आधिकारिक तौर पर अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।


