ललितपुर जिले के महरौनी कस्बे में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मृतका के मायके वालों ने पति पर दस लाख रुपये न देने पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। वहीं, पति ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही से प्रसव कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने हत्या के आरोपों को नकारते हुए बताया कि महिला की मौत प्रसव के बाद हुई है। मायके वालों के आरोपों के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। यह घटना महरौनी कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला लुहरयाना इंद्रा चौराहा के पास की है। 26 वर्षीय विशाखा तिवारी पत्नी मुकेश कुमार तिवारी को 3 जून की दोपहर प्रसव पीड़ा हुई थी। पति उसे महरौनी के ग्राम किसरदा स्थित एक निजी अस्पताल ले गया, जहां उसे भर्ती कराया गया। अस्पताल में रात 9 बजे सामान्य प्रसव हुआ, जिसमें विशाखा ने एक पुत्री को जन्म दिया। हालांकि, रात 12 बजे के करीब विशाखा की हालत बिगड़ने लगी। चिकित्सकों ने उसे ललितपुर रेफर कर दिया। परिजन रात 1 बजे के आसपास उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने विशाखा को मृत घोषित कर दिया। इसी बीच, महरौनी के निजी अस्पताल में भर्ती नवजात पुत्री की भी मौत हो गई। गुरुवार को मृतका के पिता ओमप्रकाश तिवारी, जो ग्राम भडरऊ के निवासी हैं, ने अपने परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया। पिता ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी ने तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 27 मई को उनकी बेटी ने फोन पर बताया था कि उसके ससुराल वाले दस लाख रुपये की मांग कर रहे हैं और न देने पर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। दूसरी ओर, मृतका के पति मुकेश कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले 2 दिसंबर 2022 को विशाखा से आर्य मंदिर में प्रेम विवाह किया था। तब से वे अपनी पत्नी के साथ महरौनी में रह रहे थे। मुकेश ने जोर देकर कहा कि उनकी पत्नी और बच्ची की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण हुई है। इस मामले में क्षेत्राधिकारी रक्षपाल सिंह ने बताया कि विवाहिता की मौत के मामले में जांच करायी गयी, तो पाया गया कि प्रसव के बाद महिला व उसके पुत्री की मौत हुई है। हत्या के आरोप बेबुनियाद हैं।


