औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत माली थाना क्षेत्र के विश्रामपुर गांव में एक हादसे में 33 साल के किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी रामनंदन मेहता के बेटे विश्वनाथ कुमार मेहता के रूप में हुई है। विश्वनाथ शनिवार को अपने खेत की स्थिति देखने के लिए घर से पैदल बधार की ओर गए थे। इसी दौरान पहले से टूटकर जमीन पर गिरे हाई टेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान के दौरान हाई टेंशन तार टूटकर खेत में गिर गया था। तार में विद्युत प्रवाह जारी था, लेकिन इसकी जानकारी विश्वनाथ को नहीं थी। खेत की ओर जाते समय वह तार को देख नहीं सके और उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने देखा थे शव घटना के बाद काफी देर तक विश्वनाथ का शव खेत में ही पड़ा रहा। बाद में खेतों में काम करने पहुंचे ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो वह हाई टेंशन तार की चपेट में आकर मृत पड़े थे। इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें तार से अलग किया और इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बैरिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र कुमार मेहता ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले आए आंधी-तूफान में कई स्थानों पर बिजली के तार टूटकर गिर गए थे, लेकिन विभाग की ओर से कोई निरीक्षण नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि यदि बिजली कर्मी समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर टूटे हुए तारों की जांच कर उन्हें हटाते या बिजली आपूर्ति बंद कराते, तो विश्वनाथ की जान बच सकती थी। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और मामले की जांच कराने की मांग की है। माली थानाध्यक्ष ने बताया कि बिजली करंट की चपेट में आने से किसान की मौत की सूचना मिली है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत माली थाना क्षेत्र के विश्रामपुर गांव में एक हादसे में 33 साल के किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी रामनंदन मेहता के बेटे विश्वनाथ कुमार मेहता के रूप में हुई है। विश्वनाथ शनिवार को अपने खेत की स्थिति देखने के लिए घर से पैदल बधार की ओर गए थे। इसी दौरान पहले से टूटकर जमीन पर गिरे हाई टेंशन विद्युत तार की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार हाल ही में आए तेज आंधी-तूफान के दौरान हाई टेंशन तार टूटकर खेत में गिर गया था। तार में विद्युत प्रवाह जारी था, लेकिन इसकी जानकारी विश्वनाथ को नहीं थी। खेत की ओर जाते समय वह तार को देख नहीं सके और उसकी चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने देखा थे शव घटना के बाद काफी देर तक विश्वनाथ का शव खेत में ही पड़ा रहा। बाद में खेतों में काम करने पहुंचे ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो वह हाई टेंशन तार की चपेट में आकर मृत पड़े थे। इसके बाद ग्रामीणों ने शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें तार से अलग किया और इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बैरिया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उपेंद्र कुमार मेहता ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले आए आंधी-तूफान में कई स्थानों पर बिजली के तार टूटकर गिर गए थे, लेकिन विभाग की ओर से कोई निरीक्षण नहीं किया गया।उन्होंने कहा कि यदि बिजली कर्मी समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर टूटे हुए तारों की जांच कर उन्हें हटाते या बिजली आपूर्ति बंद कराते, तो विश्वनाथ की जान बच सकती थी। उन्होंने जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और मामले की जांच कराने की मांग की है। माली थानाध्यक्ष ने बताया कि बिजली करंट की चपेट में आने से किसान की मौत की सूचना मिली है। परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


