अररिया में भीषण गर्मी, जल आपूर्ति व्यवस्था चरमराई:नगर परिषद के ठंडे पानी के स्टॉल खाली, आरएस बाजार में चापाकल नहीं

अररिया में भीषण गर्मी, जल आपूर्ति व्यवस्था चरमराई:नगर परिषद के ठंडे पानी के स्टॉल खाली, आरएस बाजार में चापाकल नहीं

अररिया जिले में भीषण गर्मी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोग पानी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की जल आपूर्ति व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिख रही है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित जल मीनार अब केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं। बुधवार सुबह 10:30 बजे शहर के काली मंदिर के पास नगर परिषद द्वारा बनाए गए ठंडे पानी के स्टॉल पर झोपड़ीनुमा ढांचा तो मौजूद था, लेकिन उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्टॉल खाली पड़ा था, जिससे राहगीरों में नाराजगी है। राहगीरों के लिए ठंडे पानी का कोई स्टॉल नहीं
अररिया रेलवे स्टेशन (आरएस) क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरएस बाजार में न तो कोई सरकारी चापाकल है और न ही राहगीरों के लिए ठंडे पानी का कोई स्टॉल उपलब्ध है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल यहां ठंडे पानी का स्टॉल लगाया गया था, लेकिन इस बार व्यवस्था में लापरवाही बरती गई है। स्थानीय निवासी दीपक गुप्ता ने कहा, “पिछले वर्ष नगर परिषद ने अररिया आरएस में ठंडे पानी की व्यवस्था की थी, लेकिन इस बार न स्टॉल है, न चापाकल। बाजार में पानी की एक बूंद के लिए लोग परेशान हैं।” जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की
एक अन्य स्थानीय निवासी राजेंद्र बेगवानी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “भीषण गर्मी में एक गिलास ठंडा पानी भी नहीं मिल रहा है। नगर परिषद की योजनाएं केवल कागजों पर दिख रही हैं, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं है।” इस लापरवाही से न केवल नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की है। इस संबंध में पूछे जाने पर अररिया नगर परिषद के उपमुख पार्षद गौतम साह ने बताया कि गुरुवार से वहां पानी की व्यवस्था कर दी जाएगी। अररिया जिले में भीषण गर्मी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तापमान बढ़ने के साथ ही लोग पानी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य प्रमंडल की जल आपूर्ति व्यवस्था संतोषजनक नहीं दिख रही है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित जल मीनार अब केवल शो-पीस बनकर रह गए हैं। बुधवार सुबह 10:30 बजे शहर के काली मंदिर के पास नगर परिषद द्वारा बनाए गए ठंडे पानी के स्टॉल पर झोपड़ीनुमा ढांचा तो मौजूद था, लेकिन उसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्टॉल खाली पड़ा था, जिससे राहगीरों में नाराजगी है। राहगीरों के लिए ठंडे पानी का कोई स्टॉल नहीं
अररिया रेलवे स्टेशन (आरएस) क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने नगर परिषद पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आरएस बाजार में न तो कोई सरकारी चापाकल है और न ही राहगीरों के लिए ठंडे पानी का कोई स्टॉल उपलब्ध है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल यहां ठंडे पानी का स्टॉल लगाया गया था, लेकिन इस बार व्यवस्था में लापरवाही बरती गई है। स्थानीय निवासी दीपक गुप्ता ने कहा, “पिछले वर्ष नगर परिषद ने अररिया आरएस में ठंडे पानी की व्यवस्था की थी, लेकिन इस बार न स्टॉल है, न चापाकल। बाजार में पानी की एक बूंद के लिए लोग परेशान हैं।” जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की
एक अन्य स्थानीय निवासी राजेंद्र बेगवानी ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “भीषण गर्मी में एक गिलास ठंडा पानी भी नहीं मिल रहा है। नगर परिषद की योजनाएं केवल कागजों पर दिख रही हैं, जमीनी स्तर पर कुछ नहीं है।” इस लापरवाही से न केवल नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की है। इस संबंध में पूछे जाने पर अररिया नगर परिषद के उपमुख पार्षद गौतम साह ने बताया कि गुरुवार से वहां पानी की व्यवस्था कर दी जाएगी।  

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