खरगोन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को रैली निकालकर प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, नियमित करने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे 500 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं नवग्रह मंदिर परिसर से नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में निकलीं। रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर जताया विरोध कलेक्टर परिसर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘अभी करो अर्जेंट करो, हमको परमानेंट करो’, ’15 हजार में दम नहीं, 25 हजार से कम नहीं’, ‘फूल नहीं चिंगारी है, हम भारत की नारी हैं’, ‘देशहित में करेंगे काम, लेकिन लेंगे पूरा दाम’ और ‘अभी तो यह अंगड़ाई है, आगे बड़ी लड़ाई है’ जैसे नारे लगाए। मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 10 सूत्रीय मांग पत्र मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांग पत्र डिप्टी कलेक्टर पी.एस. अगासिया को सौंपा गया। मांग पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को राज्य कर्मचारी घोषित कर नियमित करना तथा नियमित कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा न्यूनतम 5 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन लागू करने और केंद्रीय कर्मचारियों की तर्ज पर 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति का प्रावधान करने की मांग भी की गई है। मानदेय विसंगति दूर करने की मांग संघ ने कार्यकर्ता और सहायिका के मानदेय में 50 प्रतिशत के अंतर को कम करने की मांग भी उठाई। प्रतिनिधियों का कहना है कि वे पिछले लगभग 50 वर्षों से जन्म से लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तक नागरिकों के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं। ऐसे में उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा देकर पेंशन सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।


