Dhurandhar 2 Actor: फिल्म धुंरधर द रिवेंज इस समय बॉक्स ऑफिस पर रिकोर्ड तोड़ कमाई कर रही है। फिल्म में हर एक किरदार की अपनी अलग कहानी है और जिसके फैंस दीवाने हो रखे हैं। फिल्म में एक ऐसा ही किरदार है जिसकी जिंदगी में प्यार की कोई जगह ह ही नहीं। वह 50 साल के हो चुके हैं और उन्होंने अब तक शादी नहीं की। हम बात कर रहे हैं टेलीविजन की दुनिया में ‘जस्सी जैसा कोई नहीं’ के ‘नंदू’ बनकर घर-घर मशहूर हुए गौरव गेरा की। जो आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। धुरंधर में आलम के करियर ने उन्हें एक नई ऊंचाई दी। लेकिन पेशेवर जिंदगी में बुलंदियों को छू रहे गौरव की निजी जिंदगी में आज भी एक खालीपन है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी शादी और टूटे हुए दिल को लेकर जो बातें कहीं, वह सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
पुराने रिश्ते के जख्म आज भी हैं ताजा (Dhurandhar 2 Actor Gaurav Gera)
‘ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे’ को दिए एक इंटरव्यू में गौरव ने स्वीकार किया कि वह आज भी अकेले हैं और इसकी वजह उनका एक पुराना रिश्ता है। गौरव ने भावुक होते हुए कहा, “एक समय था जब मैं किसी के साथ बहुत गहरे प्यार में था। लेकिन जब वह रिश्ता खत्म हुआ, तो उसने मुझ पर बहुत गहरा असर छोड़ा। मैं अब दोबारा उस दौर से नहीं गुजरना चाहता। मैं अब अपनी जिंदगी में किसी को इतना जरूरी नहीं बनाना चाहता कि वह मुझे फिर से दुख पहुंचा सके।” गौरव की बातों से साफ था कि अतीत के उस दर्द ने उन्हें दोबारा किसी पर भरोसा करने से रोक दिया है।

रिलेशनशिप पर गौरव के बेबाक बोल (Gaurav Gera On Relationship)
रिश्तों के टूटने और जुड़ने पर अपनी राय रखते हुए गौरव ने कहा कि महिलाओं के पास मूव-ऑन करने की ताकत पुरुषों से ज्यादा होती है। उनके मुताबिक, “औरतें अक्सर मर्दों के मुकाबले ब्रेकअप के बाद जल्दी संभल जाती हैं। वहीं जो लोग ‘खिलाड़ी’ किस्म के होते हैं, उन्हें रिश्तों के आने-जाने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता।” जब गौरव से पूछा गया कि ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद क्या उन्हें लड़कियों से अटेंशन मिल रही है, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “सच तो ये है कि फिल्म से पहले मुझे बहुत फीमेल अटेंशन मिलती थी, लेकिन अब तो मैं ‘अंकल’ जैसा दिखने लगा हूं।”

मुकेश छाबड़ा के एक फोन ने बदली किस्मत (Gaurav Gera Recall Dhurandhar)
गौरव का करियर हमेशा इतना आसान नहीं रहा। ‘जस्सी जैसा कोई नहीं’ और ‘पम्मी प्यारेलाल’ जैसे शोज से शोहरत कमाने के बाद एक ऐसा वक्त भी आया जब उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। वह मुंबई की भागदौड़ से थककर गुरुग्राम शिफ्ट हो गए थे और लगभग हार मान चुके थे। लेकिन तभी मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा का एक फोन आया और उन्हें ‘धुरंधर’ का ऑफर मिला। इस फिल्म ने न केवल उन्हें बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर स्थापित किया, बल्कि उन्हें वो सम्मान भी दिलाया जिसके वे हकदार थे।
आज गौरव अपनी प्रोफेशनल लाइफ से बेहद खुश हैं, लेकिन अपनी निजी जिंदगी की कमान उन्होंने खुद के हाथों में रखी है। वह अकेले हैं, पर अब इस अकेलेपन में ही उन्हें सुकून मिलता है। उनकी यह कहानी उन तमाम लोगों के लिए एक सीख है जो ब्रेकअप के बाद खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।


