सशक्त स्थाई समिति ने जारी किया 3 साल का बजट:पूर्णिया नगर निगम ने सोशल मीडिया के भ्रामक दावों का खंडन किया, कहा- विकास काम तेजी से हो रहा

सशक्त स्थाई समिति ने जारी किया 3 साल का बजट:पूर्णिया नगर निगम ने सोशल मीडिया के भ्रामक दावों का खंडन किया, कहा- विकास काम तेजी से हो रहा

सोशल मीडिया पर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि की ओर से पूर्णिया नगर निगम के फैलाए गए आंकड़ों पर अब नगर निगम सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वार्ड संख्या-4 के पार्षद प्रतिनिधि राजीव राय उर्फ बबली राय की ओर से नगर निगम पर हर साल 600 करोड़ रुपये खर्च होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए सशक्त स्थाई समिति प्रतिनिधि ने पिछले तीन साल के वास्तविक आय-व्यय का पूरा ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। इन्होंने कहा है कि नगर निगम का सारा रिकॉर्ड पब्लिक डोमेन में है और सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। सोशल मीडिया पर दावे आंकड़े भ्रामक- प्रतिनिधि सशक्त स्थाई समिति प्रतिनिधि लाल महतो ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा गया है कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम की छवि को नुकसान पहुंचाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। ये सारे आंकड़े और दावे भ्रामक है । उन्होंने कहा, “हर साल 600 करोड़ रुपये खर्च होने का जो आंकड़ा सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है, वह पूरी तरह मनगढ़ंत और भ्रामक है। ऐसे नकारात्मक सोच वाले लोगों को बेनकाब करना बेहद जरूरी है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में हो रहे विकास कार्यों को देखकर कुछ पार्षदों को यह हजम नहीं हो रहा है, जिसके कारण वे ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। सार्वजनिक किया गया 3 साल का लेखा जोखा सोशल मीडिया पर फैले भ्रामक खबरों को शांत करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनिधियों ने वित्तीय वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं । जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹598 करोड़ का अनुमानित बजट आया , जिसमें से ₹216 करोड़ खर्च किए गए । वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल अनुमानित बजट ₹633 करोड़ का आया, जिसमें ₹260 करोड़ खर्च हुए । जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹466 करोड़ का अनुमानित बजट आया, जिसमें से कुल ₹317 करोड़ खर्च हुए । इन आंकड़े को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, साफ-सफाई और अन्य सभी मदों को मिलाकर यह खर्च किया गया है। इन वास्तविक आंकड़ों से साफ है कि सोशल मीडिया पर चल रहा 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के खर्च का दावा पूरी तरह आधारहीन है। विकास कार्यों में ऐतिहासिक तेजी और भेदभाव रहित आवंटन सशक्त स्थाई समिति प्रतिनिधि प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में वर्तमान नगर निगम महापौर विभा कुमारी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पूर्णिया में विकास कार्य अभूतपूर्व गति से चल रहे हैं। पड़ोसी नगर निगमों से पूर्णिया की स्थिति बेहतर पूर्णिया की जनता की राय का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आज पूर्णिया का हर नागरिक शहर की साफ-सफाई और लाइटिंग व्यवस्था की तारीफ कर रहा है। उन्होंने पड़ोसी नगर निगमों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई चाहे तो सहरसा, भागलपुर और कटिहार नगर निगमों की स्थिति से पूर्णिया की तुलना कर सकता है; पूर्णिया आज हर मामले में दूसरों से काफी आगे है। अंत में, उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि कुछ लोगों की ओर से मनगढ़ंत आरोप लगाकर निगम को बदनाम करने की कोशिशों से विकास काम रुकने वाले नहीं हैं। महापौर के नेतृत्व में यह विकास यात्रा पूरी ईमानदारी के साथ निरंतर आगे भी जारी रहेगी। सोशल मीडिया पर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि की ओर से पूर्णिया नगर निगम के फैलाए गए आंकड़ों पर अब नगर निगम सशक्त स्थाई समिति के सदस्यों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वार्ड संख्या-4 के पार्षद प्रतिनिधि राजीव राय उर्फ बबली राय की ओर से नगर निगम पर हर साल 600 करोड़ रुपये खर्च होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए सशक्त स्थाई समिति प्रतिनिधि ने पिछले तीन साल के वास्तविक आय-व्यय का पूरा ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। इन्होंने कहा है कि नगर निगम का सारा रिकॉर्ड पब्लिक डोमेन में है और सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। सोशल मीडिया पर दावे आंकड़े भ्रामक- प्रतिनिधि सशक्त स्थाई समिति प्रतिनिधि लाल महतो ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा गया है कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम की छवि को नुकसान पहुंचाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। ये सारे आंकड़े और दावे भ्रामक है । उन्होंने कहा, “हर साल 600 करोड़ रुपये खर्च होने का जो आंकड़ा सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है, वह पूरी तरह मनगढ़ंत और भ्रामक है। ऐसे नकारात्मक सोच वाले लोगों को बेनकाब करना बेहद जरूरी है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शहर में हो रहे विकास कार्यों को देखकर कुछ पार्षदों को यह हजम नहीं हो रहा है, जिसके कारण वे ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। सार्वजनिक किया गया 3 साल का लेखा जोखा सोशल मीडिया पर फैले भ्रामक खबरों को शांत करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनिधियों ने वित्तीय वर्ष 2023 से लेकर 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए हैं । जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2023-24 में ₹598 करोड़ का अनुमानित बजट आया , जिसमें से ₹216 करोड़ खर्च किए गए । वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल अनुमानित बजट ₹633 करोड़ का आया, जिसमें ₹260 करोड़ खर्च हुए । जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹466 करोड़ का अनुमानित बजट आया, जिसमें से कुल ₹317 करोड़ खर्च हुए । इन आंकड़े को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, साफ-सफाई और अन्य सभी मदों को मिलाकर यह खर्च किया गया है। इन वास्तविक आंकड़ों से साफ है कि सोशल मीडिया पर चल रहा 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के खर्च का दावा पूरी तरह आधारहीन है। विकास कार्यों में ऐतिहासिक तेजी और भेदभाव रहित आवंटन सशक्त स्थाई समिति प्रतिनिधि प्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में वर्तमान नगर निगम महापौर विभा कुमारी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पूर्णिया में विकास कार्य अभूतपूर्व गति से चल रहे हैं। पड़ोसी नगर निगमों से पूर्णिया की स्थिति बेहतर पूर्णिया की जनता की राय का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आज पूर्णिया का हर नागरिक शहर की साफ-सफाई और लाइटिंग व्यवस्था की तारीफ कर रहा है। उन्होंने पड़ोसी नगर निगमों का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई चाहे तो सहरसा, भागलपुर और कटिहार नगर निगमों की स्थिति से पूर्णिया की तुलना कर सकता है; पूर्णिया आज हर मामले में दूसरों से काफी आगे है। अंत में, उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि कुछ लोगों की ओर से मनगढ़ंत आरोप लगाकर निगम को बदनाम करने की कोशिशों से विकास काम रुकने वाले नहीं हैं। महापौर के नेतृत्व में यह विकास यात्रा पूरी ईमानदारी के साथ निरंतर आगे भी जारी रहेगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *