शिवहर में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर तक चलने वाली गर्म हवाओं (हीटवेव ) के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखा जा रहा है। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय बच्चे तेज धूप में परेशान दिख रहे हैं। जिन बच्चों के पास छाता या सिर ढकने की व्यवस्था है, उन्हें थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन अन्य बच्चे तपती धूप में झुलसने को मजबूर हैं। कई बच्चों के चेहरे लाल पड़ रहे हैं और वे थकान महसूस कर रहे हैं। सिरदर्द, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और बेहोशी शिवहर के जाने-माने फिजिशियन डॉ. रवि रमन ने भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि तेज धूप और लू के कारण सिरदर्द, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि समय रहते बचाव नहीं किया गया, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. रवि रमन के अनुसार, इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन भी फायदेमंद होता है, जो शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी को पूरा करता है। सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच निकलने से बचें उन्होंने यह भी सलाह दी कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत आवश्यक हो, तो छाता, टोपी, गमछा या दुपट्टे का उपयोग करें ताकि सीधे धूप के संपर्क से बचा जा सके। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है। डॉ. रमन ने बच्चों को खाली पेट धूप में बाहर न भेजने और स्कूल भेजते समय उनके साथ पानी की बोतल देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बाहर से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने के बजाय, थोड़ा आराम करके सामान्य तापमान का पानी पीना बेहतर होता है। शिवहर में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह से ही तेज धूप और दोपहर तक चलने वाली गर्म हवाओं (हीटवेव ) के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर देखा जा रहा है। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौटते समय बच्चे तेज धूप में परेशान दिख रहे हैं। जिन बच्चों के पास छाता या सिर ढकने की व्यवस्था है, उन्हें थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन अन्य बच्चे तपती धूप में झुलसने को मजबूर हैं। कई बच्चों के चेहरे लाल पड़ रहे हैं और वे थकान महसूस कर रहे हैं। सिरदर्द, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और बेहोशी शिवहर के जाने-माने फिजिशियन डॉ. रवि रमन ने भीषण गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि तेज धूप और लू के कारण सिरदर्द, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यदि समय रहते बचाव नहीं किया गया, तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. रवि रमन के अनुसार, इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन भी फायदेमंद होता है, जो शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी को पूरा करता है। सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच निकलने से बचें उन्होंने यह भी सलाह दी कि सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। यदि बाहर जाना बहुत आवश्यक हो, तो छाता, टोपी, गमछा या दुपट्टे का उपयोग करें ताकि सीधे धूप के संपर्क से बचा जा सके। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है। डॉ. रमन ने बच्चों को खाली पेट धूप में बाहर न भेजने और स्कूल भेजते समय उनके साथ पानी की बोतल देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि बाहर से आने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने के बजाय, थोड़ा आराम करके सामान्य तापमान का पानी पीना बेहतर होता है।


