बिहार सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों के संचालन और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग को कई आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचार-मुक्त बनाने के लिए भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोचिंग संस्थानों को देना होगा छात्रों का पूरा ब्योरा सरकार के नए निर्देश के अनुसार अब राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन को देनी होगी। इसमें छात्रों की संख्या और अन्य जरूरी विवरण शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि इससे कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सकेगा। स्कूल-कॉलेज के समय में नहीं चलेंगी कोचिंग कक्षाएं सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल और कॉलेज के निर्धारित समय के दौरान कोचिंग संस्थानों का संचालन नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र नियमित रूप से अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पर ध्यान दें। हालांकि यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा, जिन्होंने अपनी स्कूली या कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग विस्तृत नियम तैयार करेगा। शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार चाहती है कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले और पढ़ाई की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो। इसी उद्देश्य से कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी ने की तैयारियों की समीक्षा इसी बीच 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर भी सरकार पूरी तरह अलर्ट है। पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। 34 जिलों में 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए इस परीक्षा के लिए बिहार के 34 जिलों में कुल 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में 1 लाख 56 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करने का फैसला किया है। प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रश्न-पत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ हवाई मार्ग से लाया जाए और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया जाए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या लीक की आशंका को रोकने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया और संदिग्ध कोचिंग संस्थानों पर नजर परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि अफवाह, फर्जी सूचना या प्रश्न-पत्र लीक जैसी किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही ऐसे कोचिंग संस्थानों पर भी नजर रखी जाएगी, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जाती हैं। परीक्षार्थियों को मिलेगी मुफ्त बस सेवा और जरूरी सुविधाएं सरकार ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने का निर्णय लिया है। परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ORS, प्राथमिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि गर्मी के मौसम में छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो। बिहार सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों के संचालन और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग को कई आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं, 21 जून को होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचार-मुक्त बनाने के लिए भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोचिंग संस्थानों को देना होगा छात्रों का पूरा ब्योरा सरकार के नए निर्देश के अनुसार अब राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले छात्रों की जानकारी संबंधित जिला प्रशासन को देनी होगी। इसमें छात्रों की संख्या और अन्य जरूरी विवरण शामिल होंगे। सरकार का मानना है कि इससे कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सकेगा। स्कूल-कॉलेज के समय में नहीं चलेंगी कोचिंग कक्षाएं सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल और कॉलेज के निर्धारित समय के दौरान कोचिंग संस्थानों का संचालन नहीं होना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र नियमित रूप से अपने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पर ध्यान दें। हालांकि यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा, जिन्होंने अपनी स्कूली या कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग विस्तृत नियम तैयार करेगा। शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और गुणवत्ता लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार चाहती है कि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले और पढ़ाई की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो। इसी उद्देश्य से कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं। मुख्य सचिव और डीजीपी ने की तैयारियों की समीक्षा इसी बीच 21 जून को आयोजित होने वाली NEET (UG) 2026 पुनर्परीक्षा को लेकर भी सरकार पूरी तरह अलर्ट है। पटना में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई। 34 जिलों में 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए इस परीक्षा के लिए बिहार के 34 जिलों में कुल 331 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में 1 लाख 56 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाली परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करने का फैसला किया है। प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा पर रहेगा विशेष ध्यान बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रश्न-पत्रों को पूरी सुरक्षा के साथ हवाई मार्ग से लाया जाए और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया जाए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या लीक की आशंका को रोकने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया और संदिग्ध कोचिंग संस्थानों पर नजर परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि अफवाह, फर्जी सूचना या प्रश्न-पत्र लीक जैसी किसी भी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही ऐसे कोचिंग संस्थानों पर भी नजर रखी जाएगी, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध मानी जाती हैं। परीक्षार्थियों को मिलेगी मुफ्त बस सेवा और जरूरी सुविधाएं सरकार ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम करने का निर्णय लिया है। परीक्षा देने जाने वाले छात्रों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ORS, प्राथमिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि गर्मी के मौसम में छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।


