मुंगेर में बिहार पुस्तक परिक्रमा के दूसरे पड़ाव के रूप में 11 से 14 जून तक चार दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। इंडोर स्टेडियम में लगने वाला यह मेला केवल पुस्तकों की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। इसका आयोजन समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची तथा स्थानीय आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मेले का उद्घाटन 11 जून को सुबह 11 बजे होगा। उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होंगे। आम पाठकों के लिए मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। आयोजकों ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। मेले में देश के प्रमुख प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। इनमें समय प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, डायमंड बुक्स, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, उपकार प्रकाशन और मनोज पब्लिकेशंस शामिल हैं। विस्तृत श्रृंखला पाठकों को एक ही स्थान पर मिलेगी
साहित्य, इतिहास, विज्ञान, धर्म, जीवनी, प्रेरक साहित्य, बच्चों की किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला पाठकों को एक ही स्थान पर मिलेगी। यह मेला प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा। पुस्तक मेले के दौरान बच्चों और युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनाओ, गायन, नृत्य और भाषण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे। विजेताओं को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और पुस्तकें देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठियां, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रेरक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा सहित कई आमंत्रित कवि और साहित्यकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। स्थानीय लेखकों के लिए रहेगा विशेष कोना पुस्तक मेले में स्थानीय लेखकों और रचनाकारों को भी विशेष मंच दिया जाएगा। आयोजक चंद्र भूषण ने बताया कि जिले और आसपास के लेखक अपनी प्रकाशित पुस्तकों की पांच-पांच प्रतियां मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। बिक्री होने पर संबंधित राशि लेखकों को दी जाएगी। इससे स्थानीय साहित्यकारों को पाठकों तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा। समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि पुस्तकें समाज को जागरूक, शिक्षित और संस्कारित बनाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से परिवार सहित पुस्तक मेले में शामिल होकर ज्ञान और साहित्य के इस महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की। मुंगेर में बिहार पुस्तक परिक्रमा के दूसरे पड़ाव के रूप में 11 से 14 जून तक चार दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। इंडोर स्टेडियम में लगने वाला यह मेला केवल पुस्तकों की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा। इसका आयोजन समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली, पुस्तक मेला समिति (रजि.), प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची तथा स्थानीय आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मेले का उद्घाटन 11 जून को सुबह 11 बजे होगा। उद्घाटन समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल होंगे। आम पाठकों के लिए मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। आयोजकों ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। मेले में देश के प्रमुख प्रकाशकों की हजारों पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। इनमें समय प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, राधाकृष्ण प्रकाशन, डायमंड बुक्स, पेंगुइन प्रकाशन, हिन्द युग्म, गीता प्रेस, उपकार प्रकाशन और मनोज पब्लिकेशंस शामिल हैं। विस्तृत श्रृंखला पाठकों को एक ही स्थान पर मिलेगी
साहित्य, इतिहास, विज्ञान, धर्म, जीवनी, प्रेरक साहित्य, बच्चों की किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकों की विस्तृत श्रृंखला पाठकों को एक ही स्थान पर मिलेगी। यह मेला प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा। पुस्तक मेले के दौरान बच्चों और युवाओं को प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। चित्रकला, कविता पाठ, कहानी सुनाओ, गायन, नृत्य और भाषण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे। विजेताओं को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और पुस्तकें देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कवि सम्मेलन, साहित्यिक गोष्ठियां, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रेरक संवाद कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। अंतरराष्ट्रीय कवयित्री अंकिता सिन्हा सहित कई आमंत्रित कवि और साहित्यकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। स्थानीय लेखकों के लिए रहेगा विशेष कोना पुस्तक मेले में स्थानीय लेखकों और रचनाकारों को भी विशेष मंच दिया जाएगा। आयोजक चंद्र भूषण ने बताया कि जिले और आसपास के लेखक अपनी प्रकाशित पुस्तकों की पांच-पांच प्रतियां मेले में बिक्री के लिए उपलब्ध करा सकते हैं। बिक्री होने पर संबंधित राशि लेखकों को दी जाएगी। इससे स्थानीय साहित्यकारों को पाठकों तक पहुंचने का बेहतर अवसर मिलेगा। समय इंडिया ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी चंद्र भूषण ने कहा कि पुस्तकें समाज को जागरूक, शिक्षित और संस्कारित बनाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से परिवार सहित पुस्तक मेले में शामिल होकर ज्ञान और साहित्य के इस महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की।


