कैमूर जिले में 28 जून से पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा। इसे सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में डॉ. चंद्रेश्वरी रजक की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाने और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवजात शिशुओं की विशेष ट्रैकिंग की जाएगी ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। ट्रांजिट टीमों को रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मुख्य चौराहों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया गया
इसके अतिरिक्त, फील्ड में तैनात सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया गया है ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। कैमूर सिविल सर्जन ने बताया कि 28 जून से 2 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले के 3,06,205 घरों को कवर किया जाएगा। इसके लिए 593 डोर-टू-डोर टीमों का गठन किया गया है। चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर 103 अतिरिक्त कर्मी तैनात रहेंगे। अभियान की सुचारू निगरानी के लिए 216 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं और जिले में 49 डिपो व सब-डिपो बनाए गए हैं। बैठक में एसीएमओ डॉ. शांति कुमार मांझी सहित कई वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे। कैमूर जिले में 28 जून से पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा। इसे सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में डॉ. चंद्रेश्वरी रजक की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाने और अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नवजात शिशुओं की विशेष ट्रैकिंग की जाएगी ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। ट्रांजिट टीमों को रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मुख्य चौराहों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया गया
इसके अतिरिक्त, फील्ड में तैनात सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्धारित ड्रेस में रहने का निर्देश दिया गया है ताकि उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। कैमूर सिविल सर्जन ने बताया कि 28 जून से 2 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले के 3,06,205 घरों को कवर किया जाएगा। इसके लिए 593 डोर-टू-डोर टीमों का गठन किया गया है। चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर 103 अतिरिक्त कर्मी तैनात रहेंगे। अभियान की सुचारू निगरानी के लिए 216 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं और जिले में 49 डिपो व सब-डिपो बनाए गए हैं। बैठक में एसीएमओ डॉ. शांति कुमार मांझी सहित कई वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे।


