चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कर्वी तहसील के बरूआ बांध का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, अधिशासी अभियंता ने बताया कि 1967 में निर्मित बरूआ बांध की पूर्ण जल भंडारण क्षमता 24.90 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) है। बरूआ मुख्य नहर और उससे जुड़ी 8 अन्य नहरों के माध्यम से लगभग 5463 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में बरूआ बांध का व्यापक नवीनीकरण किया गया। इसमें मिट्टी कार्य, पिचिंग, पैरापेट वॉल, गाइड वॉल, सेवा मार्ग का नवीनीकरण और स्पिलवे गेटों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण गृह और बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य भी पूरा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों में बांध अपनी क्षमता का केवल 15-20% ही भर पाता था। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरूआ और बराछ नालों की सफाई के परिणामस्वरूप, बांध अब लगभग 60% तक भर चुका है। क्षेत्र के तालाबों को भरने और पशु-पक्षियों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नहरों का संचालन भी किया जा रहा है। जनपद में कुल 53 तालाब भरने का लक्ष्य निर्धारित है, जिनमें से अब तक 6 तालाब भरे जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बरूआ बांध की खाली भूमि पर व्यापक वृक्षारोपण कराया जाए। साथ ही, सिंचाई योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को समय-समय पर आवश्यक जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। जनपद प्रशासन जल संरक्षण, किसानों के हित और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।


