कटिहार समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में साप्ताहिक शुक्रवारीय जनता दरबार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे कुल 60 आवेदकों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन कर प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना था। कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों में सर्वाधिक 41 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित पाए गए। इन मामलों में भूमि मापी, भूमि मुआवजा, अतिक्रमण हटाने, भूदान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नामांतरण और वासगीत पर्चा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बड़ी संख्या में भूमि विवाद से जुड़े आवेदन आने से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन संबंधी समस्याएं अब भी आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबंधित 4, अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय से 10, सिविल सर्जन से 1, डीसीएलआर से 3 तथा आरडब्ल्यूडी/आरसीडी विभाग से 1 आवेदन प्राप्त हुआ। इनमें कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक प्रक्रिया, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क निर्माण व मरम्मत से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर आयोजित जनता दरबार में प्राप्त मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित कर जिला मुख्यालय को प्रतिवेदन भेजें। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (पीजीआरओ), प्रभारी पदाधिकारी (जन शिकायत) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कटिहार समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में साप्ताहिक शुक्रवारीय जनता दरबार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे कुल 60 आवेदकों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन प्रस्तुत किए। जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन कर प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत करना था। कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों में सर्वाधिक 41 मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित पाए गए। इन मामलों में भूमि मापी, भूमि मुआवजा, अतिक्रमण हटाने, भूदान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, नामांतरण और वासगीत पर्चा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। बड़ी संख्या में भूमि विवाद से जुड़े आवेदन आने से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन संबंधी समस्याएं अब भी आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संबंधित 4, अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय से 10, सिविल सर्जन से 1, डीसीएलआर से 3 तथा आरडब्ल्यूडी/आरसीडी विभाग से 1 आवेदन प्राप्त हुआ। इनमें कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक प्रक्रिया, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क निर्माण व मरम्मत से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। जनता दरबार के दौरान जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर आयोजित जनता दरबार में प्राप्त मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित कर जिला मुख्यालय को प्रतिवेदन भेजें। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (पीजीआरओ), प्रभारी पदाधिकारी (जन शिकायत) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


