विवाद : संविदा कार्मिक – मुझे गालियां दी, चिकित्साधिकारी – काम के लिए कहना ही पड़ता है

विवाद : संविदा कार्मिक – मुझे गालियां दी, चिकित्साधिकारी – काम के लिए कहना ही पड़ता है

पोकरण कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में सोमवार को एक कार्मिक ने पीएमओ पर गालियां देने का आरोप लगाया और उसके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग विरोध के लिए पहुंच गए। विरोध के दौरान सफाई व अन्य आरोपों को लेकर मौजूद कार्यवाहक पीएमओ की आंखों से आंसू आ गए और उसने हाथ जोड़ दिए। कस्बे के राजकीय जिला चिकित्सालय में कार्यरत एक संविदाकर्मी संदीप पुरोहित ने आरोप लगाया कि प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ.अनिल गुप्ता की ओर से उसे गालियां दी गई है। जिसकी उसके पास रिकॉर्डिंग भी है।

साथ ही उसने परेशान व प्रताडि़त करने के आरोप लगाए। जिस पर सेवानिवृत आयुर्वेद अधिकारी डॉ.शरदचंद्र व्यास, शिक्षाविद् रामदयाल छंगाणी, बाबू व्यास, महेश गुचिया, देवीलाल बिस्सा, शैलेष छंगाणी, हरीश रंगा, दिनेश व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग सोमवार को सुबह राजकीय अस्पताल पहुंचे। वे पीएमओ डॉ.गुप्ता के चैंबर में गए। यहां कार्यवाहक पीएमओ डॉ.कामिनी गुप्ता उपस्थित थी। लोगों ने रोष जताते हुए आरोप लगाया कि डॉ.अनिल गुप्ता की ओर से कार्मिक को गालियां दी गई। साथ ही परेशान व प्रताडि़त किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक जाति को टारगेट भी कर रहे है।

परेशान नहीं कर रहे, काम के लिए कहना पड़ता है

डॉ.कामिनी गुप्ता ने लोगों से बातचीत करते हुए बताया कि कार्मिकों को काम के लिए कहना ही पड़ता है। गालियां यदि निकाली गई तो गलत है। भविष्य में इस तरह की कोई घटना नहीं होगी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने सफाई सहित अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी आरोप लगाने शुरू कर दिए।

हुई भावुक, आंखों से आए आंसू, जोड़े हाथ

लोगों की ओर से लगातार आरोप लगाने, मामला बढ़ने से डॉ.कामिनी गुप्ता की आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद खड़े होकर उन्होंने हाथ जोड़े और कहा कि वे व डॉ.अनिल गुप्ता पीएमओ पद से हटने के लिए लिखकर दे देंगे। काम के लिए कार्मिकों को कहना ही पड़ता है। इस दौरान माहौल बदल गया और वरिष्ठ लोगों ने उन्हें शांत रहने की बात कही। जिस पर डॉ. गुप्ता ने सभी को हाथ जोड़ दिए। कुछ देर बाद भीड़ अस्पताल से रवाना हो गई।

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