सलूंबर जिले में बुधवार को आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उदयपुर-बांसवाड़ा मार्ग पर एक निजी बस में आग लगने की काल्पनिक घटना का अभ्यास कर विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया और राहत-बचाव व्यवस्था का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के तहत यात्रियों से भरी एक निजी बस में अचानक आग लगने का परिदृश्य तैयार किया गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन विभाग, चिकित्सा विभाग और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। सूचना मिलने के कुछ ही समय बाद फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और बस में लगी आग पर नियंत्रण पाने की कार्रवाई शुरू की। ड्रिल में यात्रियों को घायल और गंभीर घायल दिखाया ड्रिल के दौरान कुछ यात्रियों को घायल और कुछ को गंभीर रूप से प्रभावित दर्शाया गया। राहत-बचाव दलों ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। पूरे अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। मौके पर जिला कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक, डीवाईएसपी और यातायात अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण करते हुए संबंधित टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। एजेंसियों की कार्यक्षमता का आकलन प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा या दुर्घटना जैसी वास्तविक परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों की कार्यक्षमता और समन्वय का आकलन करना है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी और प्रभावी तरीके से संचालित किए जा सकें। अधिकारियों के अनुसार, मॉक ड्रिल से संबंधित विभागों को अपनी कमियों और चुनौतियों की पहचान करने का अवसर मिलता है, जिससे भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। जिले में आयोजित इस अभ्यास ने यह संदेश भी दिया कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है।


