Cyber Treasury: जयपुर। राजस्थान सरकार वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को जयपुर स्थित वित्त भवन पहुंचकर कोष एवं लेखा निदेशालय का निरीक्षण किया तथा साइबर ट्रेजरी, ई-ट्रेजरी और एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (आईएफएमएस 3.0) की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को वित्तीय प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने साइबर ट्रेजरी एवं ई-ट्रेजरी के विभिन्न अनुभागों का अवलोकन करते हुए तकनीकी अवसंरचना, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और सेवा वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डिजिटल क्रांति के माध्यम से सुशासन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय प्रशासन में तकनीक के बढ़ते उपयोग से पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
राजस्थान का ट्रेजरी सिस्टम पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में विकसित
मुख्य सचिव ने वर्ष 1999 के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस समय ट्रेजरी कार्यालयों में अधिकांश कार्य मैनुअल प्रक्रियाओं पर आधारित थे, जबकि आज राजस्थान का ट्रेजरी सिस्टम पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने इसे प्रशासनिक सुधारों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
बैठक में उन्होंने साइबर ट्रेजरी के सर्वर और तकनीकी प्रणालियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि भुगतान प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। साथ ही डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा उपायों को और अधिक सुदृढ़ बनाने, नियमित ऑडिट एवं पेनेट्रेशन टेस्टिंग कराने तथा संवेदनशील वित्तीय आंकड़ों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
रियल-टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश
उन्होंने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) भुगतान की रियल-टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों तक समयबद्ध और निर्बाध भुगतान सुनिश्चित किया जाए। ई-ट्रेजरी प्रणाली की समीक्षा के दौरान बिल प्रोसेसिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान, जिला स्तरीय ट्रेजरी कार्यालयों को मुख्यालय से रियल-टाइम जोड़ने तथा कार्मिकों के लिए नियमित तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने आईएफएमएस 3.0 के शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने, केंद्र प्रवर्तित योजनाओं को एसएनए स्पर्श पोर्टल पर शीघ्र ऑनबोर्ड करने तथा जस्ट-इन-टाइम भुगतान प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है और आने वाले वर्षों में राज्य वित्तीय प्रबंधन एवं ई-गवर्नेंस का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि आईएफएमएस 3.0 के तहत आधुनिक माइक्रोसर्विस आधारित तकनीक से वेतन बिलों का स्वचालित सृजन किया जा रहा है। वहीं नवीन राजस्व प्रबंधन प्रणाली से जुड़े विभिन्न विभागों और पोर्टलों के माध्यम से नागरिकों को 24 घंटे ऑनलाइन भुगतान सुविधा उपलब्ध हो रही है। साइबर ट्रेजरी के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।


