जहानाबाद में महिलाओं को सशक्त बना रहा दीदी अधिकार केंद्र:संचालिका बोली- घरेलू हिंसा पर सहायता और योजनाओं के बारे में जानकारी देते हैं

जहानाबाद में महिलाओं को सशक्त बना रहा दीदी अधिकार केंद्र:संचालिका बोली- घरेलू हिंसा पर सहायता और योजनाओं के बारे में जानकारी देते हैं

जहानाबाद जिले के काको प्रखंड में स्थित “दीदी अधिकार केंद्र” ग्रामीण महिलाओं के लिए न्याय, परामर्श और सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। जीविका के तहत संचालित यह केंद्र घरेलू हिंसा, सामाजिक उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता कर रहा है। महिलाओं के अधिकार के बारे में जागरूक करता हैं केंद्र प्रखंड परियोजना क्रियान्वयन इकाई, काको के सहयोग से संचालित इस केंद्र में महिलाएं सुरक्षित माहौल में अपनी समस्याओं को साझा कर समाधान प्राप्त करती हैं। केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। केंद्र की समन्वयक प्रियंका कुमारी गांव-गांव जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही हैं। वे घरेलू हिंसा, बाल विवाह, संपत्ति अधिकार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बैठकों के माध्यम से जानकारी प्रदान करती हैं। 16 से अधिक जेंडर और पारिवारिक विवादों को निस्तारण प्रियंका कुमारी के अनुसार, पहले कई महिलाएं डर और सामाजिक दबाव के कारण अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाती थीं। हालांकि, अब केंद्र के माध्यम से 16 से अधिक जेंडर और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 400 से अधिक महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी कार्य किया गया है। यह केंद्र महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। घेरलू हिंसा से पीड़िता महिला को मिला जीविका समूह से रोजगार नोनही पंचायत निवासी विभा देवी की कहानी इस पहल की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। लंबे समय से घरेलू प्रताड़ना झेल रही विभा देवी को जीविका समूह से जुड़ने के बाद दीदी अधिकार केंद्र के बारे में जानकारी मिली। केंद्र में उन्हें कानूनी सहायता, काउंसलिंग और मानसिक सहयोग प्रदान किया गया। केंद्र की लगातार पहल और परिवार के साथ संवाद के परिणामस्वरूप उनके घर का माहौल बदला और पारिवारिक विवाद समाप्त हो गए। आज विभा देवी आत्मविश्वास के साथ जीवन जी रही हैं और अन्य महिलाओं को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और दीदी अधिकार केंद्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सही समय पर मिले सहयोग ने उनकी जिंदगी बदल दी। जिला प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में वे दीदी अधिकार केंद्र या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें। जहानाबाद जिले के काको प्रखंड में स्थित “दीदी अधिकार केंद्र” ग्रामीण महिलाओं के लिए न्याय, परामर्श और सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है। जीविका के तहत संचालित यह केंद्र घरेलू हिंसा, सामाजिक उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्रदान कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता कर रहा है। महिलाओं के अधिकार के बारे में जागरूक करता हैं केंद्र प्रखंड परियोजना क्रियान्वयन इकाई, काको के सहयोग से संचालित इस केंद्र में महिलाएं सुरक्षित माहौल में अपनी समस्याओं को साझा कर समाधान प्राप्त करती हैं। केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। केंद्र की समन्वयक प्रियंका कुमारी गांव-गांव जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही हैं। वे घरेलू हिंसा, बाल विवाह, संपत्ति अधिकार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर बैठकों के माध्यम से जानकारी प्रदान करती हैं। 16 से अधिक जेंडर और पारिवारिक विवादों को निस्तारण प्रियंका कुमारी के अनुसार, पहले कई महिलाएं डर और सामाजिक दबाव के कारण अपनी समस्याएं खुलकर नहीं बता पाती थीं। हालांकि, अब केंद्र के माध्यम से 16 से अधिक जेंडर और पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 400 से अधिक महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में भी कार्य किया गया है। यह केंद्र महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। घेरलू हिंसा से पीड़िता महिला को मिला जीविका समूह से रोजगार नोनही पंचायत निवासी विभा देवी की कहानी इस पहल की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। लंबे समय से घरेलू प्रताड़ना झेल रही विभा देवी को जीविका समूह से जुड़ने के बाद दीदी अधिकार केंद्र के बारे में जानकारी मिली। केंद्र में उन्हें कानूनी सहायता, काउंसलिंग और मानसिक सहयोग प्रदान किया गया। केंद्र की लगातार पहल और परिवार के साथ संवाद के परिणामस्वरूप उनके घर का माहौल बदला और पारिवारिक विवाद समाप्त हो गए। आज विभा देवी आत्मविश्वास के साथ जीवन जी रही हैं और अन्य महिलाओं को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और दीदी अधिकार केंद्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सही समय पर मिले सहयोग ने उनकी जिंदगी बदल दी। जिला प्रशासन ने महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में वे दीदी अधिकार केंद्र या महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें।  

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