Diabetes Diwali Tips: दिवाली पर कितनी मिठाई खाएं, डायबेटोलॉजिस्ट से जानें डायबिटीज के मरीजों के लिए हेल्दी विकल्प और शुगर कंट्रोल टिप्स

Diabetes Diwali Tips: दिवाली पर कितनी मिठाई खाएं, डायबेटोलॉजिस्ट से जानें डायबिटीज के मरीजों के लिए हेल्दी विकल्प और शुगर कंट्रोल टिप्स

Diabetes Diwali Tips: दीपावली का त्योहार आते ही घर-घर में खुशियों की खनक के साथ-साथ तरह-तरह की मिठाइयों की खुशबू भी फैल जाती है। काजू कतली, गुलाब जामुन, सोन पापड़ी और बेसन के लड्डू देखकर भला किसका मन नहीं ललचाता? लेकिन अगर आप डायबिटीज (शुगर) के मरीज हैं, तो यह मीठी दावत आपके लिए थोड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है। मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि इस त्योहार पर खुद को कैसे रोकें या थोड़ी-बहुत मिठाई खा भी लें तो सेहत पर कितना असर पड़ेगा? इस बारे में हमने फिजिशियन एवं डायबेटोलॉजिस्ट डॉक्टर विपुल अग्रवाल , MBBS, MD, FAGE, CPCDM, RSSDI,) से खास बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कि डायबिटीज के मरीज इस त्योहारी सीजन में अपनी सेहत का ख्याल रखते हुए कैसे त्योहार का पूरा मजा ले सकते हैं। आइए जानते हैं उनके बताए बेहद काम के और सुझाव।

दिवाली पर कितनी मिठाई खाना सही है? जानें सेहत और ब्लड शुगर के लिए सुरक्षित मात्रा

डॉक्टर विपुल अग्रवाल का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे बड़ा चैलेंज ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना होता है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको दिवाली पर मुंह ही मीठा नहीं करना है। त्योहार अपनों के साथ मिलकर खुशियां बांटने का नाम है, इसलिए खुद को बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में न डालें।

1.पोर्शन कंट्रोल (मात्रा का ध्यान) – अगर आपका शुगर लेवल लंबे समय से बिल्कुल कंट्रोल में चल रहा है, तो आप डॉक्टर की सलाह से एक छोटा पीस (लगभग 20 से 30 ग्राम) अपनी मनपसंद मिठाई का खा सकते हैं।

2.अति से बचें- त्योहार के उत्साह में यह गलती बिल्कुल न करें कि सुबह भी खा लिया, दोपहर में भी और शाम को दोस्तों के साथ मिलकर फिर से डिब्बा खोल लिया। एक बार में बहुत ज्यादा मीठा खाने से आपका ब्लड शुगर स्पाइक (अचानक बहुत ज्यादा बढ़ना) हो सकता है, जो कि किडनी, नसों और दिल के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

3. समय का रखें ध्यान- अगर आप मीठा खाना ही चाहते हैं, तो इसे सुबह या दोपहर के समय खाएं, न कि रात को सोने से ठीक पहले। दिनभर की एक्टिविटी की वजह से शरीर उस शुगर को थोड़ा बहुत मैनेज कर लेता है।

डायबिटीज के मरीज दिवाली पर मिठाई की जगह क्या खाएं? जानें हेल्दी और पौष्टिक विकल्प

बाजार में मिलने वाली ज्यादातर मिठाइयों में रिफाइंड शुगर, मैद और हानिकारक आर्टिफिशियल कलर्स का इस्तेमाल होता है, जो सेहत के लिए जहर समान है। डॉक्टर विपुल अग्रवाल सलाह देते हैं कि इस बार बाजार की मिलावटी मिठाइयों की जगह घर पर बनी हेल्दी और नेचुरल चीजों को अपनाएं।

  • ड्राई फ्रूट्स- बादाम, अखरोट और पिस्ता: जब भी मीठा खाने की इच्छा हो, तो काजू कतली की जगह मुट्ठीभर बादाम, अखरोट, पिस्ता या मखाने खा लें। इनमें हेल्दी फैट्स और प्रोटीन होते हैं जो शुगर को तेजी से नहीं बढ़ने देते।
  • खजूर और अंजीर की नेचुरल मिठास- आप घर पर बिना चीनी के खजूर, अंजीर और ड्राई फ्रूट्स को पीसकर एनर्जी लड्डू बना सकते हैं। इसमें किसी भी तरह की रिफाइंड शुगर की जरूरत नहीं पड़ती और यह स्वाद में भी बेहतरीन होते हैं।
  • मल्टीग्रेन या ओट्स की घर की बनी कुकीज- मैदे वाली बिस्कुट या बाजार की मिठाइयों के बजाय घर पर बेसन, ओट्स या रागी से बनी चीजें ट्राई करें। इसमें स्टीविया (Stevia) या नेचुरल मिठास का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ताजे फल और नारियल पानी- त्योहारों की भागदौड़ में शरीर को डिहाइड्रेट न होने दें। ताजे फल, अनार के दाने या नारियल पानी न सिर्फ आपको एनर्जेटिक रखेंगे बल्कि आपकी क्रेविंग को भी शांत करेंगे।

दिवाली पर ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के लिए अपनाएं ये हेल्थ टिप्स

त्योहारों के दिनों में सिर्फ मीठा ही नहीं, बल्कि हमारी बदलती जीवनशैली और खानपान का रूटीन भी शुगर लेवल को बिगाड़ देता है। डॉक्टर विपुल अग्रवाल के कुछ खास प्रैक्टिकल टिप्स अपनाकर आप अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं;

  • फिजिकल एक्टिविटी बंद न करें- त्योहार है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप वॉक करना या एक्सरसाइज करना छोड़ दें। सुबह की सैर या योग को अपनी रूटीन में जरूर बनाए रखें। अगर आपने थोड़ा बहुत मीठा खा भी लिया है, तो थोड़ी एक्सट्रा वॉक या लाइट कार्डियो करने से कैलोरी बर्न हो जाती है।
  • दवाइयों और इंसुलिन का रखें पक्का हिसाब- कई लोग ऐसा सोचते हैं कि आज तो त्योहार है, तो चलो आज दवा छोड़ देते हैं या इंसुलिन की डोज कम कर लेते हैं यह बहुत बड़ी भूल है। डॉक्टर की सलाह के बिना अपनी दवाइयों के शेड्यूल में बिल्कुल बदलाव न करें।
  • भरपूर पानी पिएं और खुद को हाइड्रेट रखें- अक्सर हम ठंड या व्यस्तता के चक्कर में पानी कम पीते हैं। पानी पीने से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और मेटाबॉलिज्म सही रहता है।
  • लगातार ग्लूकोज मॉनिटरिंग करते रहें- इन दिनों अपने पास ग्लूकोमीटर जरूर रखें। सुबह खाली पेट और खाना खाने के 2 घंटे बाद अपना ब्लड शुगर चेक करते रहें ताकि आपको अंदाजा रहे कि आपका शरीर खानपान को कैसे रिएक्ट कर रहा है।

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