प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस ऑपरेशन प्रहार चला रही है। धार जिले में अभियान के तहत गांजे के पौधे जब्त किए गए हैं। कांग्रेस जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि पुलिस छोटे लोगों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि अवैध शराब और दूसरे नशीले पदार्थों के बड़े कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। पुलिस के मुताबिक, जिले में 17 हजार किलो से अधिक गांजे के पौधों पर कार्रवाई की गई है। इनका अनुमानित मूल्य 45 से 50 करोड़ रुपए बताया गया है। गांजे के खिलाफ जिले की लगभग सभी तहसीलों के थाना क्षेत्रों में कार्रवाई हुई है। कार्रवाई को उपलब्धि बता रही पुलिस
जानकारी के अनुसार, गांजे के पौधों की जब्ती के मामले में धार जिला प्रदेश में पहले स्थान पर बताया जा रहा है। पुलिस इन कार्रवाइयों को अभियान की उपलब्धि बता रही है। जिले की अलग-अलग तहसीलों में अवैध शराब की बिक्री, गांजे की सप्लाई और दूसरे नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर शिकायतें आती रही हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई और इन कारोबारों पर रोक लगाने के प्रयासों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल- पुलिस को पहले क्यों नहीं मिली जानकारी
कांग्रेस का कहना है कि गांजे की खेती इतनी बड़ी मात्रा में सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि पुलिस को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली? क्या इन गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखी जा रही थी। अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पुलिस केवल छोटे लोगों को परेशान कर रही है और अब तक कोई बड़ा अपराधी गिरफ्त में नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस छोटे लोगों पर कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रही है। ठाकुर ने कहा कि खेतों में इतनी मात्रा में गांजे के पौधे मिलना जिले के लिए गंभीर सवाल खड़ा करता है।

