पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य एवं विशेष आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ का दिव्य श्रृंगार कर उन्हें राजसी पोशाक धारण कराई गई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। मंदिर प्रशासन के अनुसार पूर्णिमा पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। धार्मिक अनुष्ठानों के तहत बाबा की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ गर्भगृह में स्थापित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। देखें तीन तस्वीर… आरती में बाबा को पहनाया गया राजसी पोशाक विशेष आरती के दौरान बाबा विश्वनाथ को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान, फल और पंचमेवा का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसके बाद पुजारियों ने वैदिक परंपरा के अनुसार भव्य आरती संपन्न कराई। बाबा का आकर्षक श्रृंगार और राजसी वेशभूषा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पूर्णिमा के अवसर पर देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तथा स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। लाखों श्रद्धालुओं ने पूर्णिमा पर किया दर्शन धार्मिक मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन और विशेष आरती में शामिल होने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इसी आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन अवसर पर मंदिर पहुंचे और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया।


