इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजियाबाद के एक एस सी एस टी उत्पीड़न मामले में आरोपी शाहनवाज की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गाजियाबाद के 09 जनवरी 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया। क्या है पूरा मामला जानिये 30 नवंबर 2025 को पीड़िता की मां श्रीमती शशि ने थाना विजय नगर, गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी शाहनवाज उनकी 23 वर्षीया बेटी का पीछा करता था, उसे धमकी देता था और 27 नवंबर 2025 को घर में जबरन घुसकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया।एफ आई आर दर्ज हुई। न्यायमूर्ति समित गोपाल ने पाया कि पीड़िता के दर्ज बयान में बलात्कार का आरोप बाद में जोड़ा गया, जो प्रारंभिक एफ आई आर और धारा 180बी एन एस एस के बयान में नहीं था। न्यायालय ने इसे अभियोजन पक्ष की कहानी में सुधार माना। , आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह 03 दिसंबर 2025 से जेल में बंद है। जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। न्यायालय ने जमानत पर कई सख्त शर्तें लगाई हैं । पीड़िता को किसी प्रकार से परेशान न किया जाए, साक्ष्यों से छेड़छाड़ न हो, हर तारीख पर अदालत में उपस्थित रहा जाए और मुकदमे में किसी प्रकार की देरी न की जाए।


