मिर्जापुर में सोमवार को बीज, खाद एवं कीटनाशक विक्रेताओं ने जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। नए कानूनों के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद के समर्थन में बड़ी संख्या में व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और नारेबाजी की। उन्होंने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दुकानदारों के बजाय कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बीज व्यापारी सेवा समिति के जिलाध्यक्ष दीनानाथ कुशवाहा के नेतृत्व में व्यापारियों ने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि एक से अधिक जनपदों में कारोबार के लिए निदेशालय स्तर से लाइसेंस लेने की अनिवार्यता असंवैधानिक है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। व्यापारियों ने यह भी मांग की कि जमाव मानक से कम पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई नियमसम्मत तरीके से की जाए। विक्रेताओं ने खाद की सीधी डिलीवरी दुकानों तक सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सीलबंद बोरी या कंटेनर से लिए गए नमूने में सामग्री अमानक पाई जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी विक्रेता के बजाय पैकिंग करने वाली कंपनी की होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने ‘साथी’ और आईपीएमएस पोर्टल के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद पर अनुदान देने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि इसे निचले स्तर पर अनिवार्य रूप से लागू न किया जाए। प्रस्तावित सीड बिल 2025 के सरलीकरण को लेकर भी विक्रेताओं ने अपनी बात रखी। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में शिवबदन, शीतला प्रसाद, हरिहर नाथ कुशवाहा, अजीत सिंह और विजय कुमार प्रमुख रूप से शामिल थे।


