दिल्ली के मालवीय नगर स्थित 5 मंजिला फ्लरिश स्टे होटल में भीषण अग्निकांड की जांच में कई गंभीर लापरवाही सामने आ रही हैं। पुलिस ने बुधवार देर रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया। उसने पुलिस को बताया है कि होटल का काम दूसरे लोग संभालते थे। सूत्रों के मुताबिक, बजाज ने बताया कि वह खुद होटल की निगरानी नहीं करता था। उसने होटल के मैनेजमेंट, बिलिंग और अकाउंट्स का काम किसी और व्यक्ति को दिया था। उसने यह भी कहा कि होटल में कमरे बड़े करने और अन्य बदलावों की सलाह भी किसी अन्य व्यक्ति ने दी थी। बजाज ने दावा किया कि सलाह देने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था- होटल में ये सारे मॉडिफिकेशन नॉर्मल हैं और दिल्ली में सब चलता है। बजाज ने यह भी माना है कि होटल के पास फायर NOC नहीं थी। पुलिस अब निर्माण संबंधी मंजूरियों, बिजली कनेक्शन और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 विदेशी और 11 भारतीय नागरिक हैं। गुरुग्राम के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार आग में जल गया। विवेक ने आग के बीच एक रिश्तेदार को फोन पर कहा था- भाई, शायद हम बच नहीं पाएंगे। DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान, 15 लोग ICU में भर्ती हादसे के वक्त होटल में कितने लोग थे यह पता नहीं चल सका है। फायर सर्विस, पुलिस व स्थानीय लोगों ने 58 लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया था। AIIMS दिल्ली के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक में दो महिलाओं और एक पुरुष को मृत लाया गया। तीनों करीब 40 साल के थे। पहचान अभी नहीं हो पाई है। मैक्स अस्पताल में 39 लोगों को ले जाया गया, जिसमें 18 की अस्पताल आने से पहले मौत हो चुकी थी। शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट होगा। 15 लोग ICU में भर्ती हैं। इनमें 8 वेंटिलेटर पर हैं। रेस्क्यू के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। मृतकों में CA के परिवार के 8 लोग, 9 अफ्रीकी नागरिक सील खिड़कियां, एंट्री-एग्जिट एक, बचने का मौका नहीं मिला प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ योजना के तहत इस होटल को 6 कमरों की मंजूरी थी, लेकिन 5 मंजिलाें पर 25 से अधिक कमरे बना लिए। होटल में आने-जाने का एक ही रास्ता था। होटल की अधिकांश खिड़कियां बंद या सील थीं। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, आग ग्राउंड फ्लोर की सीढ़ियों के पास रखे सामान से शुरू हुई और कुछ मिनट में धुआं पूरी इमारत में फैल गया। इससे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान होटल में LPG सिलेंडर भी मिले। चीखें सुनकर किसी ने गद्दे बिछा दिए, किसी ने खिड़कियां तोड़ीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, आग सुबह 8:30 बजे लगी। सेंसर आधारित मुख्य गेट बंद हो गया था। हालांकि इसकी जांच जारी है। फायर ब्रिगेड पहुंचने से पहले स्थानीय लोग बचाव में जुट गए थे। होटल के सामने कंबल-गद्दे की दुकान चलाने वाले अरमान ने दुकान से सभी नए गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दी थीं। अरमान ने कहा, होटल की ऊपरी मंजिल से कई लोग इन्हीं गद्दों पर गिरे, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली। कई लोगों ने कांच तोड़े, जिससे अंदर फंसे लोग बाहर निकले। स्थानीय युवक अफजल, शाहरुख, अनीस, आमिर और वसीम ने कम से कम 10 लोगों को CPR भी दी। अस्पताल में पिता से मिलने आए थे CA विवेक और परिवार गुरुग्राम के CA विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल पिछले कई दिनों से पास के मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें देखने के लिए परिवार के सदस्य दिल्ली आए थे और होटल फ्लरिश स्टे में दो कमरे बुक किए थे। हादसे में विवेक की मां, पत्नी, दोनों बेटियां, मामा अशोक गोयल, मौसी कमला और उनके पति जवरी लाल की भी मौत हो गई। विवेक की बड़ी बेटी जीविषा एक दिन पहले ही बेंगलुरु से अपने दादा से मिलने दिल्ली पहुंची थी। हादसे के बाद परिवार में केवल विवेक के पिता राधेश्याम अग्रवाल ही जीवित बचे हैं, जो अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। विवेक के ससुर प्रेम बंसल ने बताया कि बेटी ने मदद के लिए फोन भी किया था, लेकिन कुछ ही देर में पूरा परिवार आग की चपेट में आ गया। ———————————- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नीचें लपटें, रास्ता जाम, चौथी मंजिल से कूदे लोग: एंबुलेंस लेट हुई तो घायलों को कंधे पर उठाकर दौड़े लोग; दिल्ली हादसे की 12 PHOTOS दिल्ली होटल अग्निकांड में राजस्थान के 3 लोगों की मौत:अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार से मिलने गए थे; 1 जून को मनाया था पत्नी का जन्मदिन
दिल्ली होटल अग्निकांड, मालिक बोला- काम दूसरे लोग संभालते थे:22 मौतें; परिवार के साथ फंसे CA ने फोन पर कहा था- शायद नहीं बच पाएंगे


