खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर आज फिर से सुनवाई होगी। कोर्ट की ओर से पिछली सुनवाई के दौरान केस डायरी और क्रिमिनल हिस्ट्री की मांग की गई थी। इधर, इसी मामले में मंगलवार को जिला जज ने फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद नो कोर्सिव लगा दिया है। पुलिस अगले आदेश तक खान की गिरफ्तारी नहीं कर सकती है। हालांकि कोर्ट की ओर से जांच में सहयोग करने का डायरेक्शन दिया है। वहीं, रौशन आनंद की रिहाई को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि एक को जेल, दूसरे को बेल क्यों? प्रदीप कुमार के हथियार पर उठे सवाल जिला अभियोजक की ओर से प्रदीप कुमार के आर्म्स पर सवाल खड़े किए गए। अभियोजन पक्ष ने कहा कि प्रदीप को पिता की मौत के बाद अपनी सुरक्षा के लिए हथियार प्रोवाइड कराए थे, ना कि पटना में आकर दहशत फैलाने के लिए। इस टिप्पणी पर आज भी अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी जा सकती है। ऐसे में दोनों गार्ड्स की मुश्किलें बढ़ भी सकती हैं। खान सर की गिरफ्तारी पर कल कोर्ट ने लगाई थी रोक मंगलवार को खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए। खान सर की तरफ से पेश हुए वकील अरविंद कुमार महुआर ने कोर्ट से कहा, ‘गोली आत्मरक्षा में चलाई गई। किसी तरह से भय फैलाना मकसद नहीं था। खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर 20 जून को सुनवाई होगी।’ रौशन सर की रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर छात्र मंगलवार को तीसरी बार सड़क पर उतरे। पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे छात्रों को पुलिस ने रोक दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई। वाटर कैनन की गाड़ी भी मंगवाई गई। पुलिस ने छात्रों को पटना कॉलेज से आगे जाने की परमिशन नहीं दी। छात्रों ने कहा, बिना किसी जांच कमिटी के आप किसी को जेल में डाल देते हैं। जांच कीजिए फिर एक्शन लीजिए। रौशन सर के हजारों सर के जीवन का सवाल है। सरकार को इसमें दखल करना चाहिए। एक को जेल और दूसरे को को बेल ये कैसी कार्रवाई। जो गोली चलवाता है वो बाहर है। जिसने कुछ नहीं किया, मौके पर मौजूद भी नहीं था वो जेल में है। खान सर के दोनों बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका पर आज फिर से सुनवाई होगी। कोर्ट की ओर से पिछली सुनवाई के दौरान केस डायरी और क्रिमिनल हिस्ट्री की मांग की गई थी। इधर, इसी मामले में मंगलवार को जिला जज ने फैजल खान उर्फ खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद नो कोर्सिव लगा दिया है। पुलिस अगले आदेश तक खान की गिरफ्तारी नहीं कर सकती है। हालांकि कोर्ट की ओर से जांच में सहयोग करने का डायरेक्शन दिया है। वहीं, रौशन आनंद की रिहाई को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि एक को जेल, दूसरे को बेल क्यों? प्रदीप कुमार के हथियार पर उठे सवाल जिला अभियोजक की ओर से प्रदीप कुमार के आर्म्स पर सवाल खड़े किए गए। अभियोजन पक्ष ने कहा कि प्रदीप को पिता की मौत के बाद अपनी सुरक्षा के लिए हथियार प्रोवाइड कराए थे, ना कि पटना में आकर दहशत फैलाने के लिए। इस टिप्पणी पर आज भी अभियोजन पक्ष की ओर से दलील दी जा सकती है। ऐसे में दोनों गार्ड्स की मुश्किलें बढ़ भी सकती हैं। खान सर की गिरफ्तारी पर कल कोर्ट ने लगाई थी रोक मंगलवार को खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगले आदेश या अगली सुनवाई तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कोई कठोर या दबावपूर्ण कार्रवाई न की जाए। खान सर की तरफ से पेश हुए वकील अरविंद कुमार महुआर ने कोर्ट से कहा, ‘गोली आत्मरक्षा में चलाई गई। किसी तरह से भय फैलाना मकसद नहीं था। खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर 20 जून को सुनवाई होगी।’ रौशन सर की रिहाई की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की रिहाई की मांग को लेकर छात्र मंगलवार को तीसरी बार सड़क पर उतरे। पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे छात्रों को पुलिस ने रोक दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई। वाटर कैनन की गाड़ी भी मंगवाई गई। पुलिस ने छात्रों को पटना कॉलेज से आगे जाने की परमिशन नहीं दी। छात्रों ने कहा, बिना किसी जांच कमिटी के आप किसी को जेल में डाल देते हैं। जांच कीजिए फिर एक्शन लीजिए। रौशन सर के हजारों सर के जीवन का सवाल है। सरकार को इसमें दखल करना चाहिए। एक को जेल और दूसरे को को बेल ये कैसी कार्रवाई। जो गोली चलवाता है वो बाहर है। जिसने कुछ नहीं किया, मौके पर मौजूद भी नहीं था वो जेल में है।


