सुपौल नदी थाना क्षेत्र के सिसौनी पंचायत में कोसी नदी में नहाने के दौरान डूबे एक मासूम बालक का शव लगभग 24 घंटे बाद मंगलवार को बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भी शोक का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार सिसौनी पंचायत निवासी रुस्तम का करीब 8 वर्षीय पुत्र सजेबोल सोमवार दोपहर गांव के अन्य बच्चों के साथ कोसी नदी में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज धारा में बहकर लापता हो गया। साथ में मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से मिला शव
घटना की सूचना प्रशासन को भी दी गई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने देर शाम तक अपने स्तर पर नदी में खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। गोताखोरों व आपदा मित्रों की टीम ने इसके बाद मंगलवार सुबह फिर से खोज अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद करीब 24 घंटे के भीतर नदी से बच्चे का शव बरामद किया गया। घटना की पुष्टि करते हुए जदयू नेता तथा सिसौनी पंचायत के पूर्व मुखिया ने बताया कि ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के सहयोग से शव को नदी से बाहर निकाला गया। इधर, ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया गया है। वहीं मरौना अंचलाधिकारी ने कहा कि सरकारी प्रावधान के तहत मृतक के परिजनों को जल्द ही आपदा राहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सुपौल नदी थाना क्षेत्र के सिसौनी पंचायत में कोसी नदी में नहाने के दौरान डूबे एक मासूम बालक का शव लगभग 24 घंटे बाद मंगलवार को बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में भी शोक का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार सिसौनी पंचायत निवासी रुस्तम का करीब 8 वर्षीय पुत्र सजेबोल सोमवार दोपहर गांव के अन्य बच्चों के साथ कोसी नदी में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज धारा में बहकर लापता हो गया। साथ में मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से मिला शव
घटना की सूचना प्रशासन को भी दी गई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने देर शाम तक अपने स्तर पर नदी में खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कोई पता नहीं चल सका। गोताखोरों व आपदा मित्रों की टीम ने इसके बाद मंगलवार सुबह फिर से खोज अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद करीब 24 घंटे के भीतर नदी से बच्चे का शव बरामद किया गया। घटना की पुष्टि करते हुए जदयू नेता तथा सिसौनी पंचायत के पूर्व मुखिया ने बताया कि ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के सहयोग से शव को नदी से बाहर निकाला गया। इधर, ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया गया है। वहीं मरौना अंचलाधिकारी ने कहा कि सरकारी प्रावधान के तहत मृतक के परिजनों को जल्द ही आपदा राहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।


