कानपुर में 119 करोड़ का साइबर फ्रॉड: फर्जी GST फर्म और बैंक कर्मी निकले मास्टरमाइंड, 8 गिरफ्तार

कानपुर में 119 करोड़ का साइबर फ्रॉड: फर्जी GST फर्म और बैंक कर्मी निकले मास्टरमाइंड, 8 गिरफ्तार

कानपुर नगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना बर्रा दक्षिण पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” और फर्जी जीएसटी फर्मों के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले नेटवर्क के 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि इस गिरोह में कुछ बैंक कर्मचारियों की भी सक्रिय मिलीभगत थी, जो मोटे कमीशन के बदले अवैध लेनदेन को अंजाम दिलवाते थे।

कैसे करता था गिरोह काम?

पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर GST फर्म रजिस्टर कराते थे। इसके बाद इन्हीं फर्मों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में करंट अकाउंट और ट्रस्ट अकाउंट खुलवाए जाते थे। फिर गिरोह के सदस्य आम लोगों को फोन कर “डिजिटल अरेस्ट”, CBI जांच, मनी लॉन्ड्रिंग केस या हाई रिटर्न निवेश का झांसा देकर डराते थे। पीड़ितों से पैसा इन्हीं फर्जी खातों में ट्रांसफर कराया जाता था। पैसा आते ही उसे तुरंत कई खातों में घुमाकर निकाल लिया जाता था ताकि पुलिस ट्रेस न कर सके। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे खेल में कुछ बैंक कर्मचारी भी शामिल थे। ये कर्मचारी 5% से 10% कमीशन लेकर बड़े ट्रांजैक्शन को बिना रोक-टोक पास कर देते थे। अगर किसी खाते पर शिकायत आती थी, तो बैंककर्मी की मदद से रकम तुरंत निकाल ली जाती थी।

119 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन

जांच में दो खातों से ही हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। एक खाते से 53.37 करोड़ रुपये और दूसरे से 66 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया। पुलिस को आशंका है कि कुल ठगी का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

पुलिस ने सोनू शर्मा, सतीश पांडेय, साहिल विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह, तनिष गुप्ता, अमित सिंह, अमित कुमार और आशीष कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 9 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं जिनमें ठगी से जुड़े अहम सबूत, चैट और ट्रांजैक्शन डिटेल मिली हैं। सभी आरोपियों पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं जिनकी तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *