मधुबनी साइबर पुलिस ने नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को लौकहा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 20 एटीएम कार्ड और 5 ग्राहक रजिस्टर बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान नौशाद आलम (पिता मो. इश्तियाक), मो. नजीबुद्दीन (पिता मो. शरफुद्दीन), मो. तनवीर (पिता मो. शमीम, सा. गिदरगंज) और मो. अनस (पिता मो. रजाउल्लाह, सा. जमौला बाजार, थाना अंधराठाढ़ी) के रूप में हुई है। रेलवे स्टेशन के पीछे मकान में छापेमारी एसपी योगेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम को बताया कि साइबर थाना मधुबनी को अंधराठाढ़ी के कुछ लोगों द्वारा लौकहा रेलवे स्टेशन के पास ऑनलाइन नौकरी के नाम पर वित्तीय साइबर धोखाधड़ी करने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस ने सशस्त्र बलों के सहयोग से लौकहा रेलवे स्टेशन के पीछे एक मकान में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान चार संदिग्धों को पकड़ा गया, जिन्होंने पूछताछ में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने की बात कबूल की। सभी बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है। इस मामले में मधुबनी साइबर थाना में कांड संख्या 20/26 आईटी एक्ट 2000 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ग्राहक रजिस्टर में दर्ज नामों के आधार पर कार्रवाई एसपी ने बताया कि यह गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था और विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाता था। बरामद ग्राहक रजिस्टर में दर्ज सैकड़ों नामों के आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से संदिग्ध ऑनलाइन नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने और किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले साइबर थाना से संपर्क करने की अपील की है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मधुबनी साइबर पुलिस ने नौकरी दिलाने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को लौकहा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 20 एटीएम कार्ड और 5 ग्राहक रजिस्टर बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान नौशाद आलम (पिता मो. इश्तियाक), मो. नजीबुद्दीन (पिता मो. शरफुद्दीन), मो. तनवीर (पिता मो. शमीम, सा. गिदरगंज) और मो. अनस (पिता मो. रजाउल्लाह, सा. जमौला बाजार, थाना अंधराठाढ़ी) के रूप में हुई है। रेलवे स्टेशन के पीछे मकान में छापेमारी एसपी योगेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम को बताया कि साइबर थाना मधुबनी को अंधराठाढ़ी के कुछ लोगों द्वारा लौकहा रेलवे स्टेशन के पास ऑनलाइन नौकरी के नाम पर वित्तीय साइबर धोखाधड़ी करने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस ने सशस्त्र बलों के सहयोग से लौकहा रेलवे स्टेशन के पीछे एक मकान में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान चार संदिग्धों को पकड़ा गया, जिन्होंने पूछताछ में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने की बात कबूल की। सभी बरामद सामग्री को जब्त कर लिया गया है। इस मामले में मधुबनी साइबर थाना में कांड संख्या 20/26 आईटी एक्ट 2000 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। ग्राहक रजिस्टर में दर्ज नामों के आधार पर कार्रवाई एसपी ने बताया कि यह गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय था और विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाता था। बरामद ग्राहक रजिस्टर में दर्ज सैकड़ों नामों के आधार पर आगे की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से संदिग्ध ऑनलाइन नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने और किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले साइबर थाना से संपर्क करने की अपील की है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


