बक्सर जिले में 21 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद सीआरपीएफ जवान रितेश पांडेय स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर अपने घर लौटे। बक्सर रेलवे स्टेशन पर उनके स्वागत के लिए सैकड़ों ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे, जहां एक अद्भुत देशभक्ति और सम्मान का दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 9 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचते ही माहौल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। रितेश पांडेय के बक्सर की धरती पर कदम रखते ही “भारत माता की जय” के जयकारों से पूरा स्टेशन परिसर गुंजायमान हो गया। मां ने आरती उतारकर बेटे का किया स्वागत सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया, जबकि उनकी मां ने आरती उतारकर अपने बेटे का स्वागत किया। यह क्षण भावुक कर देने वाला था। औद्योगिक थाना क्षेत्र के हरिकिशुनपुर गांव निवासी रितेश पांडेय ने 21 वर्षों तक देश की सेवा की है। अब उन्होंने अपने माता-पिता और समाज की सेवा करने का निर्णय लिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल सरहद पर रहकर ही नहीं, बल्कि समाज के बीच रहकर भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब उनका उद्देश्य गांव और समाज में रहकर युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करना है, ताकि देश को और अधिक समर्पित युवा मिल सकें। सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने जवान के इस फैसले की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भाजपा के जिला प्रवक्ता दीपक पांडेय ने कहा कि जो जवान अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर देते हैं, उनके लिए इतना सम्मान तो बनता ही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का स्वागत समाज के लिए प्रेरणा है और युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रोत्साहित करता है। गौरतलब है कि बक्सर में अब यह एक सकारात्मक परंपरा बनती जा रही है, जहां देश की सेवा कर लौटने वाले जवानों का जोरदार स्वागत किया जाता है। यह न केवल उन जवानों के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि समाज में देशभक्ति और सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है। बक्सर जिले में 21 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद सीआरपीएफ जवान रितेश पांडेय स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर अपने घर लौटे। बक्सर रेलवे स्टेशन पर उनके स्वागत के लिए सैकड़ों ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे, जहां एक अद्भुत देशभक्ति और सम्मान का दृश्य देखने को मिला। सुबह करीब 9 बजे वंदे भारत एक्सप्रेस के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहुंचते ही माहौल देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। रितेश पांडेय के बक्सर की धरती पर कदम रखते ही “भारत माता की जय” के जयकारों से पूरा स्टेशन परिसर गुंजायमान हो गया। मां ने आरती उतारकर बेटे का किया स्वागत सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया, जबकि उनकी मां ने आरती उतारकर अपने बेटे का स्वागत किया। यह क्षण भावुक कर देने वाला था। औद्योगिक थाना क्षेत्र के हरिकिशुनपुर गांव निवासी रितेश पांडेय ने 21 वर्षों तक देश की सेवा की है। अब उन्होंने अपने माता-पिता और समाज की सेवा करने का निर्णय लिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल सरहद पर रहकर ही नहीं, बल्कि समाज के बीच रहकर भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अब उनका उद्देश्य गांव और समाज में रहकर युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करना है, ताकि देश को और अधिक समर्पित युवा मिल सकें। सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने जवान के इस फैसले की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भाजपा के जिला प्रवक्ता दीपक पांडेय ने कहा कि जो जवान अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर देते हैं, उनके लिए इतना सम्मान तो बनता ही है। उन्होंने कहा कि इस तरह का स्वागत समाज के लिए प्रेरणा है और युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रोत्साहित करता है। गौरतलब है कि बक्सर में अब यह एक सकारात्मक परंपरा बनती जा रही है, जहां देश की सेवा कर लौटने वाले जवानों का जोरदार स्वागत किया जाता है। यह न केवल उन जवानों के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि समाज में देशभक्ति और सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है।


