बेगूसराय में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर के घर से 30 लाख रुपए से अधिक की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित पिपरा मोहल्ले की है। पीड़ित सीआरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि मेरी पोस्टिंग कोलकाता में थी। 5 महीने बाद आज सुबह जब घर पहुंचा तो चोरी की जानकारी हुई। पीड़ित राज किशोर सिंह ने बताया कि मेरा घर मूल रूप से मनसेरपुर (बलिया) में है। साल 2004 में पिपरा मोहल्ले में मकान का निर्माण कराया था। पीड़ित इंस्पेक्टर ने बताया कि ड्यूटी के सिलसिले में 18 मई को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में अच्छी तरह से ताला लगाकर कोलकाता चला गया था। घर पर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। इसी सूनेपन का फायदा उठाते हुए चोरों ने इस बड़ी वारदात को बेहद शातिर और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। कोलकाता से आज सुबह घर लौटे तो वारदात की हुई जानकारी घटना का खुलासा तब हुआ जब राज किशोर सिंह अपनी ड्यूटी से आज सुबह करीब चार बजे अपने आवास पर पहुंचे। मुख्य गेट खोला तो अंदर के गेट पर ताला लटक रहा था और दरवाजा सटा हुआ था। घर के अंदर दाखिल हुए और स्थिति का जायजा लिया, तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ने का चोरों ने प्रयास किया था, लेकिन नीचे के किसी भी कमरे का ताला नहीं टूटा था और वहां का सारा सामान सुरक्षित था। इसके बाद जब वे ऊपर प्रथम तल पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मुख्य गेट और दो कमरों के ताले तोड़ दिए गए थे। बेटे की मार्च 2025 में शादी हुई थी, सारा कीमती सामान घर में ही था पीड़ित ने बताया कि उनके छोटे लड़के की शादी मार्च 2025 में हुई थी, जिसके कारण घर में शादी से जुड़ा हुआ सारा नया और कीमती सामान मौजूद था। छत के रास्ते आए चोरों ने दोनों कमरों के अंदर रखे गए सभी गहने, शादी में मिले पीतल के तमाम बर्तन, बच्चों के नए कपड़े और अन्य बेशकीमती सामान को गायब कर दिया। घर में रखे गए सभी वीआईपी बैग, ट्रंक, गोदरेज और अन्य बक्से पूरी तरह से खाली पड़े मिले। जिससे स्पष्ट होता है कि चोरों ने इत्मीनान से इस चोरी को अंजाम दिया है। छत की तरफ जाने वाले रास्ते और गेट की कुंडी और ताले को भी काटा गया था, जिससे चोरों के आने-जाने के रास्ते का स्पष्ट पता चलता है। छत सफाई जैसी गतिविधि के भी निशान हैं। पीड़ित का कहना है कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है जो उनके परिवार और घर की अंदरूनी बनावट से पूरी तरह परिचित था। क्योंकि प्रथम तल पर बने केवल दो कमरों के ताले तोड़े गए थे, जबकि उसी फ्लोर पर उनके बड़े लड़के का भी एक कमरा है, जिस पर ताला लगा हुआ था, लेकिन चोरों ने उस कमरे के ताले को तोड़ने या खोलने की कोई कोशिश तक नहीं की। पीड़ित बोले- आरोपियों को जानकारी थी कि कौन सामान कहां रखा है इससे लगता है कि चोरों को पहले से ही सटीक जानकारी थी कि घर का सारा मुख्य और कीमती सामान किन कमरों के अंदर रखा हुआ है। राज किशोर सिंह ने बताया कि बेटे की शादी मार्च 2025 में हुई थी। परिवार में बीमारी व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते कुछ परिस्थितियां ऐसी उत्पन्न हो गई थी, जिसके कारण यह सामान घर पर रह गया था। उन्होंने उन्होंने कभी घर में कोई किराएदार नहीं रखा था। पीड़ित की पत्नी किरण देवी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कई बार फोन किया तो करीब एक घंटे बाद डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर जब उन्होंने अपने घर में हुई चोरी और टूटे हुए तालों की जानकारी दी, तो वहां आई एक महिला कांस्टेबल ने बात टालने की कोशिश करते हुए कहा कि मेरे घर में भी चोरी हुआ, आपके घर में तो कुंडी है, मेरे घर में तो कुंडी काट कर ले गया। पुलिस कर्मियों ने मौके पर दोनों कमरों की वीडियोग्राफी की, फोटो ली। थाने पर बुलाया है, उसके बाद औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी। पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच की जाए, आसपास के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर इस बड़ी घटना का खुलासा किया जाए। बेगूसराय में सीआरपीएफ इंस्पेक्टर के घर से 30 लाख रुपए से अधिक की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित पिपरा मोहल्ले की है। पीड़ित सीआरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि मेरी पोस्टिंग कोलकाता में थी। 5 महीने बाद आज सुबह जब घर पहुंचा तो चोरी की जानकारी हुई। पीड़ित राज किशोर सिंह ने बताया कि मेरा घर मूल रूप से मनसेरपुर (बलिया) में है। साल 2004 में पिपरा मोहल्ले में मकान का निर्माण कराया था। पीड़ित इंस्पेक्टर ने बताया कि ड्यूटी के सिलसिले में 18 मई को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में अच्छी तरह से ताला लगाकर कोलकाता चला गया था। घर पर परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। इसी सूनेपन का फायदा उठाते हुए चोरों ने इस बड़ी वारदात को बेहद शातिर और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। कोलकाता से आज सुबह घर लौटे तो वारदात की हुई जानकारी घटना का खुलासा तब हुआ जब राज किशोर सिंह अपनी ड्यूटी से आज सुबह करीब चार बजे अपने आवास पर पहुंचे। मुख्य गेट खोला तो अंदर के गेट पर ताला लटक रहा था और दरवाजा सटा हुआ था। घर के अंदर दाखिल हुए और स्थिति का जायजा लिया, तो देखा कि ग्राउंड फ्लोर पर स्थित मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ने का चोरों ने प्रयास किया था, लेकिन नीचे के किसी भी कमरे का ताला नहीं टूटा था और वहां का सारा सामान सुरक्षित था। इसके बाद जब वे ऊपर प्रथम तल पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मुख्य गेट और दो कमरों के ताले तोड़ दिए गए थे। बेटे की मार्च 2025 में शादी हुई थी, सारा कीमती सामान घर में ही था पीड़ित ने बताया कि उनके छोटे लड़के की शादी मार्च 2025 में हुई थी, जिसके कारण घर में शादी से जुड़ा हुआ सारा नया और कीमती सामान मौजूद था। छत के रास्ते आए चोरों ने दोनों कमरों के अंदर रखे गए सभी गहने, शादी में मिले पीतल के तमाम बर्तन, बच्चों के नए कपड़े और अन्य बेशकीमती सामान को गायब कर दिया। घर में रखे गए सभी वीआईपी बैग, ट्रंक, गोदरेज और अन्य बक्से पूरी तरह से खाली पड़े मिले। जिससे स्पष्ट होता है कि चोरों ने इत्मीनान से इस चोरी को अंजाम दिया है। छत की तरफ जाने वाले रास्ते और गेट की कुंडी और ताले को भी काटा गया था, जिससे चोरों के आने-जाने के रास्ते का स्पष्ट पता चलता है। छत सफाई जैसी गतिविधि के भी निशान हैं। पीड़ित का कहना है कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है जो उनके परिवार और घर की अंदरूनी बनावट से पूरी तरह परिचित था। क्योंकि प्रथम तल पर बने केवल दो कमरों के ताले तोड़े गए थे, जबकि उसी फ्लोर पर उनके बड़े लड़के का भी एक कमरा है, जिस पर ताला लगा हुआ था, लेकिन चोरों ने उस कमरे के ताले को तोड़ने या खोलने की कोई कोशिश तक नहीं की। पीड़ित बोले- आरोपियों को जानकारी थी कि कौन सामान कहां रखा है इससे लगता है कि चोरों को पहले से ही सटीक जानकारी थी कि घर का सारा मुख्य और कीमती सामान किन कमरों के अंदर रखा हुआ है। राज किशोर सिंह ने बताया कि बेटे की शादी मार्च 2025 में हुई थी। परिवार में बीमारी व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते कुछ परिस्थितियां ऐसी उत्पन्न हो गई थी, जिसके कारण यह सामान घर पर रह गया था। उन्होंने उन्होंने कभी घर में कोई किराएदार नहीं रखा था। पीड़ित की पत्नी किरण देवी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कई बार फोन किया तो करीब एक घंटे बाद डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के आने पर जब उन्होंने अपने घर में हुई चोरी और टूटे हुए तालों की जानकारी दी, तो वहां आई एक महिला कांस्टेबल ने बात टालने की कोशिश करते हुए कहा कि मेरे घर में भी चोरी हुआ, आपके घर में तो कुंडी है, मेरे घर में तो कुंडी काट कर ले गया। पुलिस कर्मियों ने मौके पर दोनों कमरों की वीडियोग्राफी की, फोटो ली। थाने पर बुलाया है, उसके बाद औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी। पीड़ित परिवार ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच की जाए, आसपास के तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर इस बड़ी घटना का खुलासा किया जाए।

