आईटी क्षेत्र से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई, जहां देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी इन्फोसिस लिमिटेड ने अपने आगामी वित्त वर्ष के लिए सतर्क अनुमान पेश किया है।
बता दें कि इन्फोसिस लिमिटेड ने 2026-27 के लिए अपनी आय वृद्धि दर का अनुमान 1.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत के बीच रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 3 से 3.5 प्रतिशत के अनुमान की तुलना में थोड़ा कमजोर संकेत देता है। मौजूद जानकारी के अनुसार कंपनी ने जनवरी में ही 2025-26 के लिए अपने अनुमान को संशोधित किया था, जिससे यह साफ है कि वैश्विक स्तर पर मांग में नरमी का असर अब भी बना हुआ है।
गौरतलब है कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी अन्य बड़ी कंपनियों ने भी हाल के समय में स्थिर सौदों की पाइपलाइन के बावजूद सतर्क दृष्टिकोण अपनाया है। विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ग्राहकों द्वारा वैकल्पिक खर्च में कटौती के कारण आईटी सेवाओं की मांग पर दबाव बना हुआ है।
कंपनी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू तिमाही में बड़े सौदों का कुल कॉन्ट्रैक्ट किमत करीब 3.2 अरब डॉलर रहा है। वहीं पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 14.9 अरब डॉलर तक पहुंचा है, जो कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
इन्फोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक सलील पारेख ने कहा कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल में भी स्थिर प्रदर्शन किया है और 3.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने यह भी बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं में कंपनी की रणनीति को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और इससे ग्राहकों के साथ भरोसा और मजबूत हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ढांचा और नई तकनीकी पहल उसे बाजार में अलग पहचान दिला रही है और बड़े बदलाव वाले प्रोजेक्ट्स में हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद कर रही है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इन्फोसिस लिमिटेड ने सतर्क लेकिन स्थिर रणनीति अपनाई है और आने वाले समय में तकनीकी नवाचार के जरिए अपने कारोबार को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।


