राजधानी में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। साल 2026 के शुरुआती चार महीनों में शहर में कुल अपराधों में 12.37 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 1 जनवरी से 30 अप्रैल 2025 के बीच शहर में 4,616 अपराध दर्ज हुए थे, जबकि इस साल समान अवधि में यह आंकड़ा बढ़कर 5,187 पहुंच गया। यानी चार महीने में ही 571 अतिरिक्त आपराधिक मामले सामने आए हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति हत्या के प्रयास के मामलों में सामने आई है। पिछले साल जहां ऐसे 20 मामले दर्ज हुए थे, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 60 पहुंच गया। यानी जानलेवा हमलों में 200 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं स्थानीय विवादों के हिंसक होने से बलवा के मामलों में भी बड़ा उछाल आया। पिछले साल केवल 2 मामले दर्ज हुए थे, जो इस साल बढ़कर 10 हो गए। चेन लूट की वारदातें तेजी से बढ़ीं : शहर में चेन लूट की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। पिछले साल चेन लूट के 2 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या 7 तक पहुंच गई है। पिछले एक महीने में ही करीब चार ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें सरेआम मोबाइल फोन छीना गया। वहीं, नकबजनी की 172 वारदातें दर्ज हुईं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 143 था। इस साल चार महीने में ही अपहरण के 216 मामले शहर में अपहरण के मामलों में भी इजाफा हुआ है। पिछले साल शुरुआती चार महीनों में 188 मामले दर्ज हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या बढ़कर 216 हो गई। डकैती की घटना पिछले साल एक भी नहीं हुई थी, जबकि इस बार एक केस दर्ज हुआ। वाहन चोरी में राहत, दुष्कर्म में सिर्फ एक मामला कम : वाहन चोरी के मामलों में कमी आई है। पिछले साल 635 वाहन चोरी हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या घटकर 556 रह गई। दुष्कर्म के मामलों में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई है। 2025 में 129 केस दर्ज हुए थे, जबकि 2026 में यह आंकड़ा 128 रहा। रात में पुलिस के दरवाजे जनता के लिए बंद पिछले कुछ समय में सरेशाम मोबाइल लूट की वारदातें भी बढ़ी हैं। हाल ही में रचना नगर में रात 9:10 बजे बाइक सवार लुटेरे युवक का मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले थे। इसी तरह पिपलानी इलाके में होटल के बाहर टहल रहे इंजीनियर का मोबाइल फोन भी बाइक सवारों ने झपट लिया था। दोनों ही घटनाएं रात 9 से 10 बजे के बीच हुई थीं। पिछले एक महीने में इस तरह की करीब एक दर्जन वारदातें हुई हैं। लोगों का कहना है कि रात के वक्त ज्यादातर पुलिस सहायता केंद्रों के दरवाजे बंद रहते हैं। इनमें एक भी पुलिसकर्मी नहीं रहता। ऐसे में किसी को मदद चाहिए भी हो तो वह कहां जाएगा। पुलिस की मौजूदगी नहीं होने की वजह से ही ऐसी वारदातें लगातार हो रही हैं।


