Tax Free Investment In India: अगर आप निवेश करना चाहते हैं और ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां न बाजार के जोखिम का डर हो, न ही मिलने वाले लाभ पर टैक्स की चिंता। साथ ही महंगाई की मार से राहत देने वाली ऐसी स्कीम, जिसमें 15 साल में 40 लाख रुपये से ज्यादा का फंड तैयार हो जाए, तो Public Provident Fund (PPF) आपके लिए एक मजबूत विकल्प हो सकता है। यह स्कीम न केवल गारंटीड रिटर्न देती है, बल्कि EEE कैटेगरी में आने की वजह से निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पर टैक्स से पूरी तरह मुक्त होती है।
EEE कैटेगरी क्या है और यह क्यों खास है?
PPF को भारत की सबसे फायदेमंद टैक्स-सेविंग स्कीमों में इसलिए गिना जाता है, क्योंकि यह EEE यानी एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट कैटेगरी में आती है। यानी कि तीन स्तर पर आपको टैक्स से राहत मिलती है। एक – जो पैसा आप हर साल PPF में जमा करते हैं, उस पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपए तक की जमा राशि पर टैक्स राहत मिलती है। दूसरा- खाते में जमा होने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। तीसरा- जब 15 साल बाद स्कीम मैच्योर होती है, तब मिलने वाली पूरी रकम पर भी कोई टैक्स नहीं लगता। यानी एक ही स्कीम में तीन अलग-अलग स्तरों पर टैक्स से राहत मिलती है, जो इसे बाकी निवेश विकल्पों से अलग बनाती है।

कंपाउंडिंग की ताकत को समझें
हर साल 1.5 लाख रुपये 15 साल तक जमा करने पर 22.5 लाख होते हैं। बहुत से लोग यह सोचते हैं कि 22.5 लाख रुपये जमा करने पर 7.1 फीसदी के हिसाब से सीधे ब्याज जोड़ दें तो कितना बनेगा। लेकिन PPF में ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। यानी पहले साल का ब्याज दूसरे साल मूलधन में जुड़ जाता है और फिर उस बढ़ी हुई रकम पर ब्याज मिलता है। यह सिलसिला 15 साल तक चलता रहता है।
हर साल 1.5 लाख लगाने पर 15 साल में क्या मिलेगा
PPF में फिलहाल सरकार 7.1 फीसदी सालाना ब्याज दे रही है। अगर कोई निवेशक हर साल 1.5 लाख रुपये यानी हर महीने करीब 12,500 रुपये PPF में जमा करता है, तो 15 साल में कंपाउंडिंग की ताकत से एक बड़ा फंड तैयार होता है। यह आंकड़े बता रहे हैं कि यह कैसे होता है-
| विवरण | राशि |
|---|---|
| सालाना निवेश | 1,50,000 रुपये |
| कुल निवेश अवधि | 15 साल |
| ब्याज दर | 7.1 फीसदी सालाना |
| 15 साल में कुल जमा रकम | 22.5 लाख रुपये |
| अनुमानित ब्याज आय | 18.18 लाख रुपये |
| अनुमानित मैच्योरिटी वैल्यू | 40.68 लाख रुपये |
इन आंकड़ों से साफ है कि 15 साल में मिलने वाला ब्याज मूलधन के 80 फीसदी से भी ज्यादा है। यह कंपाउंडिंग का असर है जहां निवेशक को सिर्फ मूलधन पर नहीं, बल्कि हर साल जुड़ते ब्याज पर भी ब्याज मिलता रहता है।
किनके लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है PPF
PPF उन निवेशकों के लिए खास मानी जाती है जो बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं। नौकरीपेशा लोग जो हर साल टैक्स बचाने के लिए 80C के तहत निवेश की तलाश में रहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है। इसके अलावा जो लोग रिटायरमेंट के लिए लंबी अवधि का फंड बनाना चाहते हैं या अपने बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के लिए पैसा जोड़ना चाहते हैं, उनके लिए भी PPF एक भरोसेमंद जरिया है।


