आखिर चार दिन बाद जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला के हस्तक्षेप के बाद रविवार को अलवर नगर निगम ठेकेदार प्रवीण चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज हो गया। सहायक लेखाधिकारी हरीश चंद जैन की ओर से कोतवाली थाना में मामला दर्ज कराया गया है। प्रार्थी ने सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है। पुलिस ने बताया कि वसीम खान नगर निगम में सहायक लेखाधिकारी प्रथम और हरीश चंद जैन सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर कार्यरत हैं। 13 मई को शाम 6.10 बजे ठेकेदार प्रवीण चौधरी इनके कक्ष में आया और राजकीय रिकॉर्ड को छीन ले गया।
जब उसे रोका गया तो उसने गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की कर मारपीट की। दोनों ने सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। रिपोर्ट के बाद एएसआई अशोक कुमार को जांच सौंपी गई है।
राजस्थान पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
इस घटना का वीडिया वायरल होने के बाद राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता के साथ खबर को प्रकाशित किया, जिसमें लिखा गया कि किस तरह एक ठेकेदार ने एएओ के हाथ से फाइल छीन ली और धक्का-मुक्की व गाली-गलौज भी की। इसके बाद दूसरी खबर में लिखा गया कि फाइल छीनने वाले ठेकेदार पर मामला दर्ज नहीं, जिसके बाद रविवार को कलक्टर के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया।
वीडियो भी दिया
पुलिस पर टरकाने के आरोपकर्मचारियों ने आरोप लगाया कि दिनभर थाने के चक्कर लगवाए गए और पुलिसकर्मी इधर से उधर दौड़ाते रहे। एक एएसआई ने कहा कि ताजा प्रार्थना पत्र बनाकर दें। कर्मचारियों ने कहा कि दो तहरीर दे चुके हैं। खुद नगर निगम आयुक्त ने केस दर्ज करने के लिए एसएचओ को लिखा है। नई एप्लिकेशन नहीं दे सकते। पुलिस ने घटना के प्रूफ मांगे, तो वो भी बताया कि पेन ड्राइव में वीडियो दे चुके।
जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने हस्तक्षेप किया
कार्मिकों का कहना है कि उसके बाद पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ धाराएं नहीं लगाई जा सकती। इसके बाद नगर निगम की प्रशासक और जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर एफआइआर दर्ज हुई। उधर, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) व इससे संबद्ध सभी कर्मचारी संगठनों ने बैठक कर पुलिस की इस कार्यशैली पर आक्रोश जताया। इस मौके पर संगठन के जिलाध्यक्ष पंकज शर्मा, जिला मंत्री एवं लेबोरेटरी टेक्नीशियन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्रीराम मीणा, रेडियोग्राफर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रमोद जैमन, उपाध्यक्ष कृष्णकांत शर्मा, महासंघ के संरक्षक खेमचंद सोमवंशी आदि रहे। इस संबंध में एसएचओ रमेश सैनी को फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं किया।


