Revenue Collection: राजस्थान में कर चोरों पर बड़ा एक्शन, सरकार की बनाई अब नई रणनीति

Revenue Collection: राजस्थान में कर चोरों पर बड़ा एक्शन, सरकार की बनाई अब नई रणनीति

Revenue Growth: जयपुर. राजस्थान सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व संग्रहण को मजबूत बनाने और कर चोरी पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संबंधित विभागों को राजस्व वृद्धि के लिए नवाचार और आधुनिक तकनीक अपनाने के निर्देश देते हुए कर चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय कार्ययोजना के अनुसार काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए मजबूत राजस्व व्यवस्था बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राजस्व प्राप्ति प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में देरी से सरकारी आय प्रभावित होती है, इसलिए सभी विभाग समयबद्ध कार्रवाई करें।

विशेष कार्ययोजना बनाकर राजस्व संग्रहण बढ़ाने के निर्देश

बैठक में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग को विशेष कार्ययोजना बनाकर राजस्व संग्रहण बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं वाणिज्यिक कर विभाग को ऑडिट मामलों की गहन समीक्षा करने तथा बेहतर स्क्रूटिनी के लिए नए पैरामीटर्स विकसित करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने लंबित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने पर भी जोर दिया।

खनन विभाग को अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने खनन कार्य से जुड़ी गाड़ियों में जीपीएस इंस्टॉलेशन प्रक्रिया में तेजी लाने और बंद पड़ी खानों की नीलामी कर राजस्व बढ़ाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।

परिवहन विभाग को बकाया वाहन करों की वसूली के लिए विशेष अभियान

परिवहन विभाग को बकाया वाहन करों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने और कर बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा गया। साथ ही आबकारी विभाग को अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने तथा मुखबिर तंत्र को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।

अप्रैल 2026 में राज्य को कुल 11 हजार 235 करोड़ रुपये का राजस्व

मुख्यमंत्री ने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग को ऑनलाइन ई-पंजीयन प्रक्रिया को बढ़ावा देने तथा डीआईजी कार्यालयों में लंबित मामलों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। वहीं राजस्व विभाग को भूमि अतिक्रमण के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए नवाचार आधारित उपायों से आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 में राज्य को कुल 11 हजार 235 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष अप्रैल माह की तुलना में 15.71 प्रतिशत अधिक है। सरकार का मानना है कि नई कार्ययोजना और तकनीकी सुधारों से आने वाले समय में राजस्व संग्रहण में और अधिक वृद्धि होगी।

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