MP Congress – राज्यसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश में दोनों प्रमुख पार्टी में हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस ने तमाम दिग्गजों से किनारा करते हुए मप्र की राज्यसभा सीट से मीनाक्षी नटराजन को उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया है। राहुल गांधी के कोर टीम की सदस्य रहीं मीनाक्षी छात्र राजनीति से लोकसभा तक पहुंच चुकी हैं। वर्तमान में वे तेलंगाना कांग्रेस की प्रभारी हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ इसे संगठन में बदलाव का संकेत मान रहे हैं। उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही एमपी के कांग्रेस विधायकों की बाड़ाबंदी करने की भी तैयारी है। सभी एमएलए को किसी सुरक्षित राज्य में होटल में भेजा जा सकता है।
एआइसीसी द्वारा नामों की घोषणा के बाद कांग्रेस में भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी ने राज्यसभा प्रत्याशी के लिए प्रस्तावक और समर्थक विधायकों से पहले ही पत्रों पर हस्ताक्षर करा लिए थे, अब उस पर सिर्फ उम्मीदवार का नाम लिखा जाना है।
कांग्रेस ने शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई
प्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। सूत्र बताते हैं कि इसमें मीनाक्षी को समर्थन की घोषणा के साथ ही विधायकों की बाड़ाबंदी भी की जा सकती है। कांग्रेस के सभी विधायकों को एक साथ कहीं होटल में रखा जा सकता है या बाहर भी भेजा जा सकता है।
इधर, मीनाक्षी के चयन को लेकर महिलाओं को साधने की कोशिश के साथ ही प्रदेश में गुटीय संतुलन साधने से जोड़कर देखा जा रहा है।
टीम राहुल की मेंबर हैं मीनाक्षी
मीनाक्षी नटराजन उज्जैन के बीरलाग्राम नागदा से हैं। इंदौर से बायोकेमिस्ट्री में पीजी और एलएलबी के साथ वे छात्र राजनीति से सक्रिय रहीं। रतलाम में एनएसयूआइ से राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत की। बाद में एनएसयूआइ फिर मप्र युवा कांग्रेस की अध्यक्ष भी रहीं। उन्हें 2008 में राहुल गांधी ने एआइसीसी सचिव के रूप में चुना। 2009 के लोकसभा चुनाव में मंदसौर से उन्होंने 1971 से अजेय रहे भाजपा नेता लक्ष्मीनारायण पांडे को हराया। हालांकि बाद के दो चुनाव वे नहीं जीतीं।
प्रमुख बिंदु
कांग्रेस ने दिग्गजों के दांव फेल किए
प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को बनाया उम्मीदवार
दिया संगठनात्मक बदलाव का संदेश
राज्यसभा के लिए कांग्रेस ने खेला महिला कार्ड


