Karnataka Congress CM Row: कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद के लिए चल रही खींचतान अब खत्म होती नजर आ रही है। मंगलवार को सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की आलाकमान के साथ करीब 6 घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला भी मौजूद थे। इसके बाद सत्ता परिवर्तन होने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं डीके शिवकुमार अभी भी दिल्ली में ही रुकेंगे।
गुरुवार को सिद्धारमैया दे सकते हैं इस्तीफा
बता दें कि 28 मई को सीएम सिद्धारमैया ने अपने सभी मंत्रियों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया है। गुरुवार को ही सिद्धारमैया बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिस पर सभी की नजर टिकी हुई है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को ही सिद्धारमैया सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
हालांकि कांग्रेस आलाकमान ने बैठक के बाद आधिकारिक तौर पर नेतृत्व परिवर्तन की खबरों से इनकार किया और कहा कि चर्चा केवल राज्य सभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकमान ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने का प्रस्ताव रखा है। आलाकमान चाहता है कि उन्हें राज्य सभा भेजकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय किया जाए, ताकि 2029 लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें पार्टी के प्रमुख ओबीसी चेहरे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।
राहुल गांधी ने दिया भरोसा
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के सामाजिक न्याय और जातीय जनगणना अभियान को मजबूत करने के लिए सिद्धारमैया को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकमान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि अगर वह मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं तो उनके राजनीतिक सम्मान और भविष्य का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
वहीं माना जा रहा है कि प्रदेश में नई सरकार के गठन में एक से ज्यादा डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसके लिए सिद्धारमैया के करीबी नेताओं को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। इसके अलावा कैबिनेट में भी कई नेताओं को शामिल किया जा सकता हैं। इस तरह सरकार में भी सिद्धारमैया को पॉवर दी जा सकती है।
डीके शिवकुमार बनेंगे सीएम
यदि सिद्धारमैया सीएम पद से इस्तीफा देते हैं तो डीके शिवकुमार को सीएम बनाया जाएगा। 2023 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच सीएम पद को लेकर ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय किया गया था। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरा होने के बाद डीके शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग तेज हो गई।


