Mahila Aarakshan Bill: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। संसद में बिल पारित नहीं होने के बाद सत्तारूढ़ दल और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। Bharatiya Janata Party ने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इसी क्रम में Chhattisgarh में भी विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन तेज होने वाले हैं।
Mahila Aarakshan Bill: रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस, सरकार का कड़ा रुख
Raipur में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि 70 करोड़ महिलाओं की उम्मीदों को विपक्ष ने तोड़ दिया है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का सपना विपक्ष के रवैये के कारण पूरा नहीं हो सका। उनके मुताबिक, इंडी गठबंधन ने महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया और देश की नारी शक्ति के साथ अन्याय किया है।
“फूट डालो और राज करो” की नीति का आरोप
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ दल आज भी अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” की नीति पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और जाति के आधार पर आरक्षण की बातें कर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए बताया कि राज्य में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 57 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है और विधानसभा में भी महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
“महिलाओं की उम्मीदों पर पानी नहीं फिरने देंगे”
सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया है कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में विपक्ष को जनता के बीच इसका जवाब देना पड़ेगा।
विपक्ष पर ‘गद्दारी’ का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अपनी “काली करतूत” दिखाते हुए बिल को पास नहीं होने दिया। उनके अनुसार, जब-जब महिलाओं के अधिकारों की बात आई है, विपक्ष ने हमेशा उन्हें नजरअंदाज किया है।
Mahila Aarakshan Bill: राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
अरुण सिंह ने यह भी कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं ने महिला बिल के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाया और इसे समर्थन देने के बजाय राजनीतिक लाभ-हानि के तराजू पर तौला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता समर्थन करना चाहते थे, लेकिन शीर्ष नेतृत्व के कारण ऐसा नहीं हो सका।
देशभर में प्रदर्शन की तैयारी
भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि वह जनता के बीच जाकर यह बताएगी कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कौन उनके साथ खड़ा है और कौन नहीं। छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में रैलियां, धरना और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।


