बेगूसराय दिनकर पुस्तकालय सिमरिया में आज क्रांतिधर्मी मुचकुंद मोनू की पांचवी पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी हुई। इसमें बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. रामाज्ञा शशिधर ने कहा है कि प्रदूषण के मामले में बेगूसराय जिला मौत का चैंबर बन गया है। सरकार और सत्ता ने प्रदूषण को बढ़ाने का काम किया है। आए दिन अनेक लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। प्रदूषण की चपेट में फंसा बेगूसराय जनपद विषयक विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बेगूसराय के लोग आर्सेनिक पीने और ऑक्सीजन के बदले अमोनिया सांस में लेने को विवश हैं। छाय से मानव जीवन तबाह हो रहा है। जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही हैं। ऐसे समय में पॉल्यूशन ऑडिट और वैकल्पिक राजनीति की जरूरत है। प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। समाधान को लेकर विस्तार से विश्लेषण विषय प्रवेश कराते हुए जीडी कॉलेज के व्याख्याता डॉ. रीना शर्मा ने बेगूसराय में प्रदूषण की स्थिति, कारण और समाधान को लेकर विस्तार से विश्लेषण किया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वामपंथी विचारक राजकिशोर सिंह ने कहा कि प्रदूषण से पूरा जिला प्रभावित है। इसके बचाव को लेकर हम सबों को विमर्श करने की जरूरत है। पर्यावरणविद् नीतेश रंजन ने कहा कि सरकार और राजनीति प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। जल, वायु और खाद्य सामग्रियां दूषित हो चुकी है। इसको लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। पर्यावरण साथी संदीप कुमार ने कहा कि प्रदूषित अन्न खाने से शारीरिक रूप से लोग कमजोर और सामाजिक रूप से भी लोग बीमार हो रहे हैं। इसके लिए जागरूक होने और जीवन शैली में बदलाव जरूरी है। विरोध नहीं विकल्प तलाशने की जरूरत साइकिल पे संडे टीम के संयोजक डॉ. कुंदन कुमार ने कहा कि प्रदूषण को लेकर विरोध नहीं विकल्प तलाशने की जरूरत है। जसम के राज्य सचिव दीपक सिन्हा ने कहा कि सरकार की नीतियां प्रदूषण को लेकर जवाबदेह है। कमल वत्स ने कहा कि मानसिक प्रदूषण को खत्म करना हम सबों को जवाबदेही है। स्वागत राजेश कुमार सिंह, संचालन प्रवीण प्रियदर्शी एवं धन्यवाद ज्ञापन रामनाथ सिंह ने किया। दिनकर स्मृति विकास समिति एवं दिनकर पुस्तकालय के संयुक्त देखरेख में आयोजित श्रद्धांजलि सभा सह विचारगोष्ठी के प्रारंभ में मुचकुंद मोनू के तैल चित्र पर अतिथियों और ग्रामीण बुद्धिजीवियों ने पुष्प अर्पित किया। मौके पर दिनकर स्मृति विकास समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, सचिव प्रदीप कुमार, दिनकर पुस्तकालय के सचिव संजीव फिरोज, ई. कन्हाई पंडित सेवानिवृत विंग कमांडर रंजीत कुमार और विनोद बिहारी ने श्रद्धांजलि दी। बेगूसराय दिनकर पुस्तकालय सिमरिया में आज क्रांतिधर्मी मुचकुंद मोनू की पांचवी पुण्यतिथि पर विचार गोष्ठी हुई। इसमें बीएचयू के प्रोफेसर डॉ. रामाज्ञा शशिधर ने कहा है कि प्रदूषण के मामले में बेगूसराय जिला मौत का चैंबर बन गया है। सरकार और सत्ता ने प्रदूषण को बढ़ाने का काम किया है। आए दिन अनेक लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। प्रदूषण की चपेट में फंसा बेगूसराय जनपद विषयक विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बेगूसराय के लोग आर्सेनिक पीने और ऑक्सीजन के बदले अमोनिया सांस में लेने को विवश हैं। छाय से मानव जीवन तबाह हो रहा है। जलस्तर में लगातार गिरावट आ रही हैं। ऐसे समय में पॉल्यूशन ऑडिट और वैकल्पिक राजनीति की जरूरत है। प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठनी चाहिए। समाधान को लेकर विस्तार से विश्लेषण विषय प्रवेश कराते हुए जीडी कॉलेज के व्याख्याता डॉ. रीना शर्मा ने बेगूसराय में प्रदूषण की स्थिति, कारण और समाधान को लेकर विस्तार से विश्लेषण किया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वामपंथी विचारक राजकिशोर सिंह ने कहा कि प्रदूषण से पूरा जिला प्रभावित है। इसके बचाव को लेकर हम सबों को विमर्श करने की जरूरत है। पर्यावरणविद् नीतेश रंजन ने कहा कि सरकार और राजनीति प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। जल, वायु और खाद्य सामग्रियां दूषित हो चुकी है। इसको लेकर लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। पर्यावरण साथी संदीप कुमार ने कहा कि प्रदूषित अन्न खाने से शारीरिक रूप से लोग कमजोर और सामाजिक रूप से भी लोग बीमार हो रहे हैं। इसके लिए जागरूक होने और जीवन शैली में बदलाव जरूरी है। विरोध नहीं विकल्प तलाशने की जरूरत साइकिल पे संडे टीम के संयोजक डॉ. कुंदन कुमार ने कहा कि प्रदूषण को लेकर विरोध नहीं विकल्प तलाशने की जरूरत है। जसम के राज्य सचिव दीपक सिन्हा ने कहा कि सरकार की नीतियां प्रदूषण को लेकर जवाबदेह है। कमल वत्स ने कहा कि मानसिक प्रदूषण को खत्म करना हम सबों को जवाबदेही है। स्वागत राजेश कुमार सिंह, संचालन प्रवीण प्रियदर्शी एवं धन्यवाद ज्ञापन रामनाथ सिंह ने किया। दिनकर स्मृति विकास समिति एवं दिनकर पुस्तकालय के संयुक्त देखरेख में आयोजित श्रद्धांजलि सभा सह विचारगोष्ठी के प्रारंभ में मुचकुंद मोनू के तैल चित्र पर अतिथियों और ग्रामीण बुद्धिजीवियों ने पुष्प अर्पित किया। मौके पर दिनकर स्मृति विकास समिति के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, सचिव प्रदीप कुमार, दिनकर पुस्तकालय के सचिव संजीव फिरोज, ई. कन्हाई पंडित सेवानिवृत विंग कमांडर रंजीत कुमार और विनोद बिहारी ने श्रद्धांजलि दी।


