मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर दौरे के दौरान हुई मुलाकातों और कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी ने शहर की सियासत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक घटनाक्रम ऐसा रहा कि राजनीतिक गलियारों में हर मुलाकात और हर अनुपस्थिति के मायने निकाले जाने लगे। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में नजर नहीं आना और शनिवार सुबह पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे तथा विधायक मालिनी गौड़ की मुख्यमंत्री से अलग-अलग मुलाकातों ने इन चर्चाओं को और हवा दी। सोया कॉन्क्लेव से गरबा उत्सव तक पहुंचे CM मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार रात करीब 9 बजे इंदौर पहुंचे। एयरपोर्ट से वे ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर गए, जहां इंटरनेशनल सोया कॉन्क्लेव में शामिल हुए। इसके बाद नंदानगर स्थित कनकेश्वरी गरबा मंडल और फिर गंगवाल बस स्टैंड के पास आयोजित घूमर गरबा उत्सव में पहुंचे। देर रात वे रेसीडेंसी में रुके। मुख्यमंत्री के इस पूरे कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी नजर नहीं आई। इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री और विजयवर्गीय के बीचदूरियों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, इस दौरे में विजयवर्गीय की गैरमौजूदगी भी चर्चाओं में है। सुबह की मुलाकातों ने बढ़ाई सियासी चर्चा शनिवार सुबह रेसीडेंसी में मुख्यमंत्री से मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने उनसे अलग से मुलाकात की। इसके बाद वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णमुरारी मोघे और विधायक मालिनी गौड़ भी मुख्यमंत्री से मिले। इन मुलाकातों को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन बैठकों में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, यह पूर्व लोकसभा स्पीकर महाजन के अलावा अन कैलाश विजयवर्गीय-दिग्विजय सिंह की बातचीत की भी चर्चा इसी बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच लंबी बातचीत होने की चर्चाओं ने भी राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया। दोनों नेता सार्वजनिक और राजनीतिक मंचों पर कई बार एक-दूसरे के विरोध में मुखर रहे हैं, लेकिन उनके बीच लंबे समय से चली आ रही व्यक्तिगत मित्रता भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही है। मीडिया से बातचीत को लेकर भी चर्चा मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान मीडिया से उनकी बातचीत भी चर्चा में रही। शुक्रवार रात सोया कॉन्क्लेव में मीडिया ने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद कनकेश्वरी गरबा उत्सव में भी उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। शनिवार सुबह रेसीडेंसी में मुख्यमंत्री मीडिया से बातचीत के लिए सहज नजर आए, लेकिन माइक सामने लगाने के दौरान हुई आपाधापी के बीच वे नाराज हो गए और बिना बातचीत किए वहां से चले गए। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री के इंदौर दौरे में नेताओं की मुलाकातों, गैरमौजूदगी और मीडिया से दूरी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

