राजस्थान हाईकोर्ट ने सभी न्यायिक परिसरों और अधिकारियों की आवासीय कॉलोनियों में स्वच्छता व पर्यावरण के लिए ठोस कचरा प्रबंधन के नए नियम लागू किए हैं। इसके तहत कचरे को चार श्रेणियों में अलग किया जाएगा। साथ ही, सिंगल यूज प्लास्टिक और डिस्पोजेबल प्लास्टिक कप-प्लेट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। यह एसओपी ‘राजस्थान हाईकोर्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026’ को लागू करने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में जारी हुई है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने को निगरानी समितियां बनाई गई हैं, जो हर तीन महीने में समीक्षा करेंगी। न्यायिक परिसरों में गीले, सूखे, सेनेटरी और विशेष कचरे के लिए रंग-आधारित कूड़ेदान लगेंगे। खुले में कचरा फेंकने या जलाने पर कार्रवाई होगी। कागज कम करने को ई-फाइलिंग व डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी अधिकारियों व कर्मचारियों को ट्रेनिंग देगी, नोडल अधिकारी तिमाही रिपोर्ट सौंपेंगे।

