राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा में की जाने वाली डीपीसी के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तावित नामों का विरोध किया जा रहा है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी महीप तेजस्वी का नाम डीपीसी की फिटलिस्ट में भेजने पर कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने राज्य सरकार को घेरा है। वहीं सपना एम लोवंशी का नाम शामिल किए जाने पर आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख रहे केके मिश्रा ने एक्स पर किए गए ट्वीट में राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी का नाम डीपीसी की फिटलिस्ट में आने पर मुख्य सचिव को संबोधित ट्वीट में लिखा है कि मुख्य सचिव, शायद आपके संज्ञान में हो या न हो लेकिन राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति करने के लिए होने वाली डीपीसी में दागी अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। मिश्रा ने मुख्य सचिव को संबोधित कर कहा है कि आपकी छवि को लेकर पूरे प्रदेश में एक सकारात्मक संदेश है, कहीं ऐसा न हो कुछ अधिकारियों की गलती प्रशासनिक छवि को धूमिल कर दे….। मिश्रा ने लिखा है कि महीप किशोर तेजस्वी 2010 तक वाणिज्य कर अधिकारी सतना के पद पर पदस्थ थे, फिर 2010 में वे डिप्टी कलेक्टर बने, 9 साल तक महीप किशोर का नाम 2010 डिप्टी कलेक्टर की वरिष्ठता सूची में ही रहा। वर्ष 2019 में महीप को 2008 का डिप्टी कलेक्टर घोषित कर दिया गया। अगर महीप डिप्टी कलेक्टर हैं तो 2008 से 2010 तक वाणिज्य कर अधिकारी सतना के रूप में किस अधिकारी ने व्यापारियों पर कार्यवाही की थी। 2006 के अदिवासी बच्चों को परीक्षा पास नहीं करने पर 2010 बैच दिया गया,तो महीप को 2012 में परीक्षा पास करने पर 2012 बैच क्यों और कैसे नहीं दिया गया….। उधर आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इसी फिटलिस्ट में अपर कलेक्टर स्तर की अधिकारी सपना लोवंशी का नाम शामिल किए जाने को लेकर शिकायत की है। एक्स पर दुबे ने लिखा है कि मध्य प्रदेश में लाखों लोगों के इलाज के लिए बनी ‘आयुष्मान योजना’ के अंतर्गत निजी अस्पतालों को फायदा पहुंचाने के आरोपों में घिरीं राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सपना लोवंशी को IAS के पद पर प्रमोट करने के लिए फिट बतान गलत है। आखिर सरकार भ्रष्ट लोगों को बचाती क्यों है?

