जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क और उनके स्लीपर सेल के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की ‘काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर’ (CIK) इकाई ने घाटी के छह अलग-अलग जिलों में एक साथ बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई आतंकवाद और पाकिस्तानी फंडिंग से जुड़े एक दशक पुराने मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में मिले ताजा खुफिया इनपुट, तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis) और जारी तफ्तीश के आधार पर घाटी के छह जिलों में आठ संदिग्ध ठिकानों की पहचान की गई थी, जहां बुधवार तड़के एक साथ दबिश दी गई।
इसे भी पढ़ें: Air India Building Mumbai Deal | महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई की मशहूर एयर इंडिया बिल्डिंग 1,601 करोड़ रुपये में खरीदी
उन्होंने बताया कि श्रीनगर और बांदीपोरा जिलों में दो-दो स्थानों तथा कुपवाड़ा, अनंतनाग, कुलगाम और बारामूला जिलों में एक-एक स्थान पर छापेमारी की गयी।
यह मामला वर्ष 2015 में दर्ज किया गया था। मामला पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठनों, उनके स्लीपर सेल नेटवर्क तथा जम्मू-कश्मीर में लोगों की भर्ती, उन्हें कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने और आतंकवाद को बढ़ावा देने से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्धों पर गोपनीय संचार माध्यमों के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकवादी आकाओं के संपर्क में रहने का आरोप है। उन पर चरमपंथी दुष्प्रचार फैलाने और कट्टरपंथ से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने का भी संदेह है।
इसे भी पढ़ें: Praggnanandhaa का डबल धमाका! कार्लसन को दूसरी बार धूल चटाकर रचा इतिहास, विश्वनाथन आनंद के 19 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी
डिजिटल सर्विलांस से रडार पर आए संदिग्ध
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि जिन संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है, वे गोपनीय संचार माध्यमों (Encrypted Communication Apps) और सोशल मीडिया के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं के संपर्क में थे।
इन संदिग्धों पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके घाटी में चरमपंथी दुष्प्रचार (Extremist Propaganda) फैलाने और युवाओं का ब्रेनवॉश करने का गंभीर आरोप है। छापेमारी के दौरान सुरक्षा बलों ने कई डिजिटल उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से कश्मीर में सक्रिय स्लीपर सेल के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।


