Chirag Tyagi Murder: ‘अंकल जी’ कहकर घर आता था दोस्त, बेटे की लाश देख छलका चिराग के पिता का दर्द, कहा- असद की तरह ही कातिल का एनकाउंटर हो

Chirag Tyagi Murder: ‘अंकल जी’ कहकर घर आता था दोस्त, बेटे की लाश देख छलका चिराग के पिता का दर्द, कहा- असद की तरह ही कातिल का एनकाउंटर हो

Chirag Tyagi Murder Case: गाजियाबाद में मुरादनगर इलाके के बसंतपुर सैंथली गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी की हत्या के बाद पूरा परिवार सदमे में है। देश का नाम रोशन करने की तैयारी कर रहे खिलाड़ी की उसी के जिगरी दोस्त यश ने बेरहमी से हत्या कर दी। जवान बेटे का शव देखकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इंसाफ की गुहार लगाते हुए पिता ने पुलिस प्रशासन से एक ऐसी मांग कर दी, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।

चिराग के पिता ने क्या कहा?

चिराग का चयन कुछ दिन पहले ही जापान एशियन पैरा गेम्स के लिए 1500 मीटर और 400 मीटर रेस में हुआ था। वह बहुत खुश था और अपने पिता से कहता था कि वह देश के लिए मेडल लेकर आएगा। उसके ही दोस्त यश ने चिराग के सारे सपने चकनाचूर कर दिए। मोर्चरी में बेटे का शव देखकर पिता मनोज त्यागी फूट फूट कर रो पड़े।

चिराग के पिता मनोज त्यागी ने भारी मन से बताया कि उन्होंने यश को हमेशा अपने बेटे जैसा माना। वह घर आकर अंकल जी- अंकल जी कहता था। जब चिराग फोन नहीं उठाता था तो यश उन्हें फोन करके चिराग से बात कराने को कहता था। मनोज त्यागी यश और चिराग को हमेशा समझाते थे कि दोनों भाई बनकर रहें। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस लड़के को वह अपने बेटे की तरह प्यार करते हैं, वही उनके लाल की जान का दुश्मन बन जाएगा। यारी निभाने की जगह यश ने दोस्ती का ही कत्ल कर दिया।

एक लाख रुपए और गलतफहमी ने ली जान

हत्या की वजह का खुलासा करते हुए मनोज त्यागी ने बताया कि यश पर चिराग के करीब एक लाख रुपए उधार थे। जब भी पिता पैसे मांगने की बात कहते तो चिराग मना कर देता था कि वह खुद अपने दोस्त से बात कर लेगा। इसके अलावा यश के मन में एक गलतफहमी भी थी। उसे लगता था कि किसी गेम में चिराग ने उसकी शिकायत कर दी है, जिसके कारण वह डिस्क्वालीफाई हो गया। मनोज त्यागी ने कहा- सच्चाई यह थी कि यश पहले ही उस गेम से बाहर हो चुका था। इसी रंजिश के चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

चिराग ने कहा था- पापा, दाल-चावल बनवा लेना

पिता ने रुंधे गले से बताया कि शनिवार सुबह 7 बजे उनकी चिराग से आखिरी बार बात हुई थी। चिराग ने फोन पर कहा था कि वह साढ़े 10 बजे तक घर लौट आएगा और खाने में दाल-चावल बनवा लेना। शाम 4 बजे अचानक पुलिस का फोन आया कि बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। जब घबराया हुआ परिवार एमएमजी अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि चिराग हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर जा चुका है।

असद की तरह हो एनकाउंटर

चिराग के पिता और परिजनों ने पुलिस से साफ कहा है कि उन्हें सिर्फ इंसाफ चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह गाजियाबाद पुलिस ने सूर्या के कातिल असद को एनकाउंटर में ढेर किया है, उसी तरह उनके बेटे के कातिल यश का भी एनकाउंटर होना चाहिए। परिजनों का कहना है कि जब तक हत्यारे को कड़ी सजा नहीं मिलेगी चिराग की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी यश को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और हथियार बरामद करने के लिए लगातार दबिश दे रही है।

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