दरभंगा में तेज आंधी से गिरे बांस से 10 साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक पेड़ की डाली के टूटकर गिरने और उसकी चपेट में आकर 2 महिलाएं घायल हो गई। जिले में सोमवार देर शाम और रात में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई थी। मृत बच्चे की पहचान 10 साल के तेहसीनूर रहमान के रूप में हुई है, जो अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सीरणीया गांव में अपनी नानी के घर आया था। मृतक की मां अफसाना परवीन ने गर्मी की छुट्टियों में मैं बेटे को लेकर अपने मायके आई थी। उन्होंने बताया कि मेरे पति और परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में रहते हैं। वहीं, अशोक पेपर मिल थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। पोस्टमार्टम के लिए शव को डीएमसीएच भेजने की बात कही गई, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। पेड़ की डाल गिरने से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल सीरणीया गांव में आंधी के दौरान एक आम के पेड़ की भारी डाल गिरने से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया चल रहा है। घायल महिला के देवर मो. सज्जाद ने बताया कि उनकी भाभी मदीना खातून के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि एक बुजुर्ग महिला की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि तेज आंधी और बारिश के बीच घायलों को अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन था क्योंकि जगह-जगह पेड़ गिरे हुए थे और वाहन नहीं मिल रहे थे। अलीनगर में मुख्य सड़क घंटों रही जाम अलीनगर प्रखंड क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के कारण एसएच-56 पर मालिया चौक-जयंतीपुर के समीप एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। इसके कारण दरभंगा से कुशेश्वरस्थान जाने वाली मुख्य सड़क पर घंटों यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से काफी मशक्कत के बाद पेड़ हटाया गया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। बेनीपुर में पेड़ गिरने से ठप हुआ आवागमन बेनीपुर प्रखंड क्षेत्र में भी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। धरौड़ा में एक विशाल बरगद का पेड़ बेनीपुर-धरौड़ा मुख्य मार्ग पर गिर गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बिरौल-बेनीपुर-दरभंगा मार्ग पर चलने वाले वाहनों को धरौड़ा, बहेड़ा बाजार और आशापुर होकर निकाला गया। वहीं धरौड़ा-सकरी मुख्य मार्ग और दरभंगा-बेनीपुर मार्ग पर भी आधा दर्जन से अधिक पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दुकानों के छप्पर उड़े, घरों को भी नुकसान बेनीपुर बाजार के व्यवसायी संतोष झा ने बताया कि तेज आंधी में विनोद, संतोष साहू और श्रवण साहू की दुकानों के छप्पर उड़ गए। कई गांवों में लोगों के घरों के छप्पर उखड़ गए तथा कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार तूफान इतना भीषण था कि कई स्थानों पर पेड़ जड़ से उखड़ गए और टहनियां टूटकर सड़कों तथा घरों पर गिर गईं। बिजली व्यवस्था ध्वस्त, दर्जनों खंभे गिरे आंधी के कारण बेनीपुर, बहेड़ा और हरिपुर पावर सब-स्टेशन की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार एलटी एवं पीसीसी के दर्जनों बिजली पोल धराशायी हो गए हैं। विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अमोद कुमार ने बताया कि तूफान से विभाग को भारी क्षति पहुंची है। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद विस्तृत सर्वेक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। किसानों पर दोहरी मार, आम-लीची की फसल बर्बाद बारिश और तेज हवा से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आम, लीची और मक्का की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष पहले से ही मौसम की मार के कारण उत्पादन प्रभावित था। जो थोड़ी बहुत फसल बची थी, उसे भी आंधी-तूफान ने नुकसान पहुंचाया है। कई बागानों में आम और लीची जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने सरकार से फसल क्षति का सर्वेक्षण कर मुआवजा देने की मांग की है। गर्मी से मिली राहत, लेकिन बढ़ी परेशानी लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच हुई बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन जलजमाव, बिजली संकट और सड़क बाधित होने जैसी समस्याओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले के कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।वहीं विभिन्न विभाग क्षति का आकलन करने और सामान्य व्यवस्था बहाल करने में जुट गए हैं। दरभंगा में तेज आंधी से गिरे बांस से 10 साल के एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक पेड़ की डाली के टूटकर गिरने और उसकी चपेट में आकर 2 महिलाएं घायल हो गई। जिले में सोमवार देर शाम और रात में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई थी। मृत बच्चे की पहचान 10 साल के तेहसीनूर रहमान के रूप में हुई है, जो अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के सीरणीया गांव में अपनी नानी के घर आया था। मृतक की मां अफसाना परवीन ने गर्मी की छुट्टियों में मैं बेटे को लेकर अपने मायके आई थी। उन्होंने बताया कि मेरे पति और परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली में रहते हैं। वहीं, अशोक पेपर मिल थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। पोस्टमार्टम के लिए शव को डीएमसीएच भेजने की बात कही गई, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए। पेड़ की डाल गिरने से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल सीरणीया गांव में आंधी के दौरान एक आम के पेड़ की भारी डाल गिरने से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया चल रहा है। घायल महिला के देवर मो. सज्जाद ने बताया कि उनकी भाभी मदीना खातून के सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि एक बुजुर्ग महिला की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि तेज आंधी और बारिश के बीच घायलों को अस्पताल पहुंचाना बेहद कठिन था क्योंकि जगह-जगह पेड़ गिरे हुए थे और वाहन नहीं मिल रहे थे। अलीनगर में मुख्य सड़क घंटों रही जाम अलीनगर प्रखंड क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान के कारण एसएच-56 पर मालिया चौक-जयंतीपुर के समीप एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। इसके कारण दरभंगा से कुशेश्वरस्थान जाने वाली मुख्य सड़क पर घंटों यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से काफी मशक्कत के बाद पेड़ हटाया गया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। बेनीपुर में पेड़ गिरने से ठप हुआ आवागमन बेनीपुर प्रखंड क्षेत्र में भी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। धरौड़ा में एक विशाल बरगद का पेड़ बेनीपुर-धरौड़ा मुख्य मार्ग पर गिर गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बिरौल-बेनीपुर-दरभंगा मार्ग पर चलने वाले वाहनों को धरौड़ा, बहेड़ा बाजार और आशापुर होकर निकाला गया। वहीं धरौड़ा-सकरी मुख्य मार्ग और दरभंगा-बेनीपुर मार्ग पर भी आधा दर्जन से अधिक पेड़ सड़क पर गिर गए, जिससे लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दुकानों के छप्पर उड़े, घरों को भी नुकसान बेनीपुर बाजार के व्यवसायी संतोष झा ने बताया कि तेज आंधी में विनोद, संतोष साहू और श्रवण साहू की दुकानों के छप्पर उड़ गए। कई गांवों में लोगों के घरों के छप्पर उखड़ गए तथा कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार तूफान इतना भीषण था कि कई स्थानों पर पेड़ जड़ से उखड़ गए और टहनियां टूटकर सड़कों तथा घरों पर गिर गईं। बिजली व्यवस्था ध्वस्त, दर्जनों खंभे गिरे आंधी के कारण बेनीपुर, बहेड़ा और हरिपुर पावर सब-स्टेशन की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार एलटी एवं पीसीसी के दर्जनों बिजली पोल धराशायी हो गए हैं। विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अमोद कुमार ने बताया कि तूफान से विभाग को भारी क्षति पहुंची है। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद विस्तृत सर्वेक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाएगा। किसानों पर दोहरी मार, आम-लीची की फसल बर्बाद बारिश और तेज हवा से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आम, लीची और मक्का की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष पहले से ही मौसम की मार के कारण उत्पादन प्रभावित था। जो थोड़ी बहुत फसल बची थी, उसे भी आंधी-तूफान ने नुकसान पहुंचाया है। कई बागानों में आम और लीची जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने सरकार से फसल क्षति का सर्वेक्षण कर मुआवजा देने की मांग की है। गर्मी से मिली राहत, लेकिन बढ़ी परेशानी लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच हुई बारिश से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन जलजमाव, बिजली संकट और सड़क बाधित होने जैसी समस्याओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिले के कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे आवागमन प्रभावित रहा। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने तथा आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की अपील की है।वहीं विभिन्न विभाग क्षति का आकलन करने और सामान्य व्यवस्था बहाल करने में जुट गए हैं।


