CG Bear Attack: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तेंदूपत्ता सीजन के बीच जंगली जानवरों का खतरा एक बार फिर सामने आया है। सड़क पारसोली वन परिक्षेत्र के हरदी गांव में तेंदूपत्ता तोड़ने गए ग्रामीणों पर भालुओं के दल ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
CG Bear Attack: जंगल में अचानक हमला, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार हरदी गांव के कई ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जंगल में पहुंचे थे। इसी दौरान 6 भालुओं का झुंड वहां आ धमका और बिना किसी चेतावनी के ग्रामीणों पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से जंगल में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
दौड़ा-दौड़ाकर किया हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भालुओं ने ग्रामीणों का पीछा करते हुए दौड़ा-दौड़ाकर हमला किया। इस दौरान दो ग्रामीण उनकी चपेट में आ गए और बुरी तरह घायल हो गए। बाकी लोग किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।
दोनों घायलों की हालत गंभीर
घटना के बाद घायलों को परिजनों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
तेंदूपत्ता सीजन में बढ़ता जोखिम
हर साल तेंदूपत्ता सीजन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगलों में जाते हैं, जिससे जंगली जानवरों से सामना होने का खतरा बढ़ जाता है। इस बार भी भालुओं के हमले ने इस जोखिम को फिर उजागर कर दिया है।
ग्रामीणों में दहशत, जंगल जाने से डर
घटना के बाद गांव में डर का माहौल है। ग्रामीण अब जंगल जाने से कतरा रहे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी असर पड़ सकता है। तेंदूपत्ता तोड़ाई पर निर्भर परिवारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
वन विभाग अलर्ट, सावधानी की अपील
घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को समूह में जंगल जाने, शोर मचाने और भालुओं के इलाके से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। साथ ही वन अमला इलाके में निगरानी बढ़ा रहा है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती
गरियाबंद और आसपास के क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों में मानव गतिविधियों के बढ़ने और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के चलते जंगली जानवर आबादी वाले क्षेत्रों के करीब आ रहे हैं।


