धोरैया प्रखंड में जनगणना के पहले चरण का मकान सूचीकरण कार्य तेजी से जारी है। यह अभियान 2 मई को शुरू हुआ था और अब प्रखंड की सभी 20 पंचायतों के गांवों में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रखंड चार्ज पदाधिकारी सह बीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि अब तक लगभग 35 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा कर लिया गया है। इस चरण में प्रत्येक मकान की पहचान कर उसे सूचीबद्ध किया जा रहा है। प्रगणक घरों की नंबरिंग के साथ-साथ आवश्यक विवरण भी दर्ज कर रहे हैं। किसी भी मकान के छूटने न पाए, इसके लिए टीमें पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं और नक्शों की सहायता से क्षेत्रों का मिलान व सत्यापन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया 31 मई तक चलेगी। इसके बाद दूसरे चरण में परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशासन द्वारा पूरे अभियान की निगरानी की जा रही है और लोगों से सहयोग की अपील की गई है। मकान सूचीकरण के दौरान प्रत्येक मकान से संबंधित 33 प्रश्नों के उत्तर एकत्र किए जा रहे हैं। इसमें परिवारों की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल है। पूरे अभियान की निगरानी पर्यवेक्षकों द्वारा की जा रही है, ताकि कार्य में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। बीडीओ ने सभी 435 प्रगणकों और 75 पर्यवेक्षकों को ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ सही आंकड़े जुटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। धोरैया प्रखंड में जनगणना के पहले चरण का मकान सूचीकरण कार्य तेजी से जारी है। यह अभियान 2 मई को शुरू हुआ था और अब प्रखंड की सभी 20 पंचायतों के गांवों में पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रखंड चार्ज पदाधिकारी सह बीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि अब तक लगभग 35 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा कर लिया गया है। इस चरण में प्रत्येक मकान की पहचान कर उसे सूचीबद्ध किया जा रहा है। प्रगणक घरों की नंबरिंग के साथ-साथ आवश्यक विवरण भी दर्ज कर रहे हैं। किसी भी मकान के छूटने न पाए, इसके लिए टीमें पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं और नक्शों की सहायता से क्षेत्रों का मिलान व सत्यापन किया जा रहा है। यह प्रक्रिया 31 मई तक चलेगी। इसके बाद दूसरे चरण में परिवार के सभी सदस्यों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशासन द्वारा पूरे अभियान की निगरानी की जा रही है और लोगों से सहयोग की अपील की गई है। मकान सूचीकरण के दौरान प्रत्येक मकान से संबंधित 33 प्रश्नों के उत्तर एकत्र किए जा रहे हैं। इसमें परिवारों की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल है। पूरे अभियान की निगरानी पर्यवेक्षकों द्वारा की जा रही है, ताकि कार्य में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे। बीडीओ ने सभी 435 प्रगणकों और 75 पर्यवेक्षकों को ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ सही आंकड़े जुटाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।


