नैनवां. नैनवां की कृषि गौण मंडी में जिंसों की खरीद नहीं हो पाई।जिंसों की खरीद नहीं हो पाने से गौण मंडी के आसपास के पचास गांवों के किसानों को अपनी जिंसों को बेचने के लिए दूर दराज की टोंक, सवाई माधोपुर व देई की मंडियों अपनी जिंसों को बेचने जाना पड़ रहा है। गौण मंडी यार्ड में व्यापार चालू करवाने के लिए यार्ड में आंतरिक संरचना का कार्य करवाने के लिए देई कृषि उपज मंडी के पास साढ़े पांच करोड़ रुपए की राशि पड़ी है।
कृषि उपजमंडी कार्य शुरू करवाना भी चाह रही। कार्य शुरू करवाने के लिए राशि खर्च करने के कृषि विपणन निदेशालय प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी ही नहीं कर रहा। कृषि उपज मंडी प्रशासन निदेशालय को बार- बार स्मरण पत्र भी भेज रहा है। कृषि विपणन निदेशालय स्वीकृति जारी नहीं कर रहा।
तीन वर्ष से चल रही प्रक्रिया
नैनवां में गौण मंडी यार्ड के लिए नगरपालिका ने बेशकीमती 50 बीघा भूमि कृषि उपजमंडी को निशुल्क उपलब्ध कराई थी। भूमि के अभाव में कार्य शुरू नहीं हो पाने से नगरपालिका नैनवां ने 2 अगस्त 2023 को नगरपालिका ने कृषि उपज मंडी के नाम 50 बीघा भूमि का पट्टा भी जारी किया। भूमि मिलने के बाद कृषि विपणन बोर्ड ने गौण मंडी यार्ड निर्माण के लिए एक करोड़ 6 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कर कार्यादेश जारी कर 27 अगस्त 2023 से चारदीवारी व गेट पर चेकपोस्ट निर्माण कार्य शुरू करवाया था। कार्य पूरा होने के बाद गौण मंडी की आंतरिक संरचना के कार्य की मंजूरी नहीं मिलना ही गौण मंडी शुरू होने में बाधा बना हुआ है। कृषि उपजमंडी प्रशासन आंतरिक संरचना का निर्माण कराने के लिए बार-बार कृषि विपणन बोर्ड को लिखता आ रहा था। गौण मंडी नैनवां क्षेत्र के हर वर्ग के लिए समृद्धि का मार्ग खोलेगी, जिसको देखते हुए हर वर्ग को गौण मंडी शुरू होने का इंतजार है।
यह हो रहे प्रभावित
गौण मंडी शुरू नही होने से नैनवां ही नही नैनवां के समीप स्थित टोंक जिले की नगरफोर्ट, दूनी, उनियारा तहसीलों के गांवों के किसानों को अपनी उपज को सही दामों में बेचने का प्लेटफार्म नहीं मिल रहा। किसानों का कहना है कि नैनवां तहसील साथ ही टोंक जिले के पचास से अधिक ऐसे गांव है, जिनसे नैनवां की दूरी 10 से 20 किमी ही पड़ती है। खरीदारी करने नैनवां के बाजारों में आने से इन गांवों के लोगों को अब अपनी उपज बेचने के लिए नैनवां ही आना पड़ता है। बड़ोली, भानौली, बालुन्दा, स्यावता, ठिकरिया, बालुन्दा, सतवाड़ा, चन्दवाड़, गुराई, खेड़ा, जेल, रघुराजपुरा, देवपुरा, नगरफोर्ट, खातोल, देवरी, बालापुरा, मुगलाना, जालिमगंज, बोसरिया, समरावता, कचरावता, रायपुरा, पलाई, महाराजपुरा, चतरपूरा तो ऐसे गांव है। नैनवां से 15 किमी की परिधि में ही बसे हुए है। गौण मंडी के अभाव में नैनवां तहसील समिधी, बालापुरा, नाहरगंज, जगदीशपुरा, गम्भीरा, रामपुरिया, खासपुरिया, बामनगांव, करीरी, हीरापुर, संडीला, बम्बूली, रजलावता, खेरुणा, भोमपुरा, सुवानिया, बिजलबा, पांडुला, धानुगांव, भावपुरा, फुलेता, मानपुरा, पाई, खानपुरा, दुगारी, सिसोला, जजावर, बाछोला, उगेन, सुरगली सहित अन्य गांव के किसानों को गौण मंडी शुरू नही हो पाने से दूरदराज की मंडियों में जाना पड़ रहा है। या फिर खुले में ही दुकानों पर अपनी ङ्क्षजसों को बेचना पड़ रहा है।


